प्रेमानंद महाराज जी ने बताया,भगवान शिव की पूजा से कैसे पूरी होंगी आपकी मनोकामनाएं

महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का खास दिन है. प्रेमानंद महाराज जी के अनुसार शिव जी की सच्ची पूजा और भक्ति से न केवल जीवन के संकट दूर होते हैं बल्कि हमारी सभी मनोकामनाएं भी पूरी हो सकती हैं. प्रेमानंद महाराज जी का मानना है कि भगवान शिव का कृपालु स्वभाव और उनकी अद्वितीय शक्ति के कारण जो भी भक्त उनके प्रति सच्चे दिल से समर्पित होकर पूजा करता है उसकी इच्छाएं शीघ्र पूरी होती हैं. प्रेमानंद महाराज जी ने भगवान की पूजा के लिये कुछ ऐसे ही आसान उपाय बताएं है.
महाशिवरात्रि पर महादेव को प्रसन्न करने के विशेष उपाय
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि महादेव की पूजा में महंगे सामान की आवश्यकता नहीं होती. भगवान शंकर तो एक चुल्लू जल में भी प्रसन्न हो जाते हैं. बस थोड़े से धतूरा, बेल पत्र, अकौड़े के फूल और गंगा जल चढ़ा देने से ही भगवान शंकर प्रसन्न हो जाते हैं.
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि महादेव बड़े ही कृपालु और करुणामय हैं. वे आशुतोष और करुणा के सागर हैं. उनकी आराधना से हमें ज्ञान, भक्ति, वैराग्य और ईश्वर से जो भी चाहें वह मिल सकता है.
वे एक कथा सुनाते हैं जिसमें भगवान श्री राम अयोध्या के वासियों से कहते हैं, “मैं राजा के रूप में आदेश नहीं दे रहा, बल्कि हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि जो मेरी भक्ति चाहता है उसके लिए भगवान शंकर की कृपा आवश्यक है. बिना भगवान शंकर की कृपा के कोई भी मेरी विशुद्ध भक्ति प्राप्त नहीं कर सकता.
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि हरि और हर एक ही हैं. ‘हरि’ भगवान विष्णु और ‘हर’ भगवान शंकर के रूप हैं. वे कहते हैं कि चलते-फिरते, उठते-बैठते हमारे आराध्य देव का स्मरण ही सबसे बड़ी साधना है.
भगवान शंकर बहुत ही करुणामय हैं और यदि कोई साधक अनन्य भाव से उनकी भक्ति करता है तो महादेव उसके हृदय के अंदर का मार्ग खोल देते हैं. वे ज्ञान के सागर हैं और साधक को केवल इष्ट के प्रति पूर्ण समर्पण और अनन्यता चाहिए.
प्रेमानंद महाराज के अनुसार अगर कोई प्राणी सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता है तो भगवान शंकर उसकी पूजा जरूर स्वीकार करते हैं
