जिम्मेदार और अनुशासित बनाने के लिए बच्चों की सिखाएं ये पांच जरूरी बातें

जिम्मेदार और अनुशासित बनाने के लिए बच्चों की सिखाएं ये पांच जरूरी बातें
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हर माता-पिता का सपना होता है की उनके बच्चे को सफलता मिले. जिसके लिए वो हर कदम पर उनका साथ देते है और मेहनत करते है की कहीं उनका बचा किसी भी क्षेत्र में पीछे न रह जाये. साथ ही साथ बच्चों में कुछ ऐसी आदतों को डालना बहुत जरूरी है जिससे वह समाज में सम्मान और अनुशासन के साथ खड़े होने के काबिल बन सकें और यह जिम्मेदारी उनके माता-पिता की ही होती है. क्योंकि बच्चों के पहले गुरु उनके माता-पिता को ही माना जाता है जो उन्हें अच्छे संस्कार सिखाते हैं. हर माता-पिता चाहते है की उनका बच्चा सबकी इज्जत करे, सभी लोगों से अच्छे से व्यवहार करे लेकिन क्या आप अपने बच्चे को ये सब करने की सही दिशा दिखा रहे की उसे क्या करना चाहिए क्या नहीं? आइये उन आदतों के बारे में जानते है जो आपके बच्चों को समाज में इज्जत और अनुशासन दिलाएगा.

दो लोगों के बीच में नहिं बोलें

आप अपने बच्चों को ये बात जरूर सिखाएं की जब दो बड़े लोग बात कर रहे हों तो उनकी बात काटकर बीच में नहीं बोलना चाहिए. यह न तो केवल एक बुरी आदत मानी जाती है, बल्कि ऐसा करने से धैर्य और समझने की क्षमता कम हो जाती है और बात अधूरी रह जाती है.

बच्चों के साथ शांति और विनम्रता से बात करें

बच्चे जो घर में देखते हैं उन्हें ही अपने जीवन में अपना लेते हैं. इसलिए पैरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की वह अपने बच्चों के सामने किस तरह से रह रहे हैं. पैरेंट्स को किसी भी प्रकार का कोई भी अपशब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और अपने बच्चों के साथ शांति और विनम्रता से बात करनी चाहिए.

दूसरों की वास्तु लेने से पहले उनकी अनुमति जरूर लें

अपने बच्चे को यह बात जरूर से सिखाएं की अगर उन्हें किसी की वस्तु चाहिए तो पहले उनसे पूछ ले की क्या आप उनकी वस्तु इस्तेमाल कर सकते हैं या नहीं और इस्तेमाल करने के बाद उनकी वस्तु याद से उन्हें वापस लौटा दें. इससे आपका बच्चा अनुशासन सीखेगा और जिम्मेदार बनेगा.

अपनी चीजों को बाटकर इस्तेमाल करें

यह एक बहुत अच्छी आदत मानी जाती है किसी भी बच्चे के अंदर की वह अपनी चीजों को दूसरे के साथ भी बाटता है. ऐसा करने से वह लोगों से घुल-मिल सकता है और दुसरो के प्रति उसका केयरिंग नेचर सामने आता है.

अपनी चीजों का ध्यान खुद ही रखें

अपने बच्चों को यह आदत जरूर से सिखाये की वह जहां कहीं भी हो उन्हें अपनी चीजों का ध्यान खुद रहने आना चाहिए. उनके कपडे, खिलौने, किताबें आदि को संभालने की जिम्मेदारी उनकी खुद की होनी चाहिए. ऐसा करने से वह जिम्मेदार भी बनेंगे और अपनी जीम्मेदारी को भी समझेंगे.

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