प्रेमानंद जी कहते है अपशब्द बोलने वालों को ये बातें

प्रेमानंद जी कहते है अपशब्द बोलने वालों को ये बातें
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प्रेमानंद जी महाराज के उपदेश जीवन को सरल, शांतिपूर्ण और सकारात्मक बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने हमेशा हमें यह समझाया कि शब्दों की शक्ति अत्यधिक होती है और किसी के दिल को छूने के लिए अच्छे शब्दों का उपयोग करना चाहिए. उनका मानना था कि अपशब्दों से न केवल दूसरों को चोट पहुंचती है, बल्कि हमारा खुद का मानसिक शांति भी खो जाता है. प्रेमानंद जी के इन अमूल्य उपदेशों को जीवन में अपनाकर हम एक बेहतर और संतुलित जीवन जी सकते हैं:-

शब्दों की शक्ति अपार होती है, जो हम बोलते हैं, वही हमारे जीवन में घटित होता है”

“अपशब्दों से किसी का दिल नहीं जीत सकते, लेकिन अच्छे शब्दों से हम दिलों में स्थान बना सकते हैं”

“क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखने से हम जीवन में शांति और सुख पा सकते हैं”

“जब आप गुस्से में हों, तब चुप रहना सबसे उत्तम होता है. अपशब्दों से सिर्फ नुकसान होता है, न कि किसी का भला”

“अपशब्दों से दिलों में दीवारें बनती हैं, जबकि मधुर वाणी से सच्चे रिश्ते बनते हैं”

“वाणी से निकलने वाले शब्द हमारे व्यक्तित्व का प्रतीक होते हैं, इसलिए सोच-समझ कर बोलें”

“आपका गुस्सा आपके शब्दों में छिपा होता है, इसलिए गुस्से में सही शब्दों का चुनाव करें”

“अपशब्दों से नहीं, बल्कि प्रेम और सच्चाई से किसी को सुधारने की कोशिश करें”

“हर शब्द का एक प्रभाव होता है, इसलिए अच्छे शब्दों का चुनाव करें ताकि आपकी वाणी से दुनिया में सकारात्मकता फैल सके”

“यदि आप अपनी वाणी को शुद्ध और शांतिपूर्ण बनाए रखेंगे, तो दुनिया खुद आपके पास आकर्षित होगी”

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