रिश्तों की डोर: अनजाने में कहीं आप खुद तो नहीं बन रहे अपनों से दूरी की वजह?

रिश्तों की डोर: अनजाने में कहीं आप खुद तो नहीं बन रहे अपनों से दूरी की वजह?
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रिश्ते किसी पौधे की तरह होते हैं, जिन्हें प्यार और वक्त की खाद-पानी की जरूरत होती है। अक्सर हम रिश्तों में आई कड़वाहट के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन कई बार हमारी छोटी-छोटी आदतें ही अपनों का दिल दुखा रही होती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके रिश्तों की मिठास बनी रहे, तो इन 5 आदतों को आज ही सुधारें:

1. बातचीत के बीच मोबाइल का दखल: अपनों से बात करते समय फोन में लगे रहना उन्हें 'अनदेखा' होने का अहसास कराता है। यह आदत गहरे भावनात्मक जुड़ाव को खत्म कर देती है।

2. हर बात में मीन-मेख निकालना: अगर आप सिर्फ कमियां ढूंढते हैं और तारीफ करना भूल गए हैं, तो सामने वाला आपसे दूर भागने लगेगा। प्रशंसा आत्मविश्वास बढ़ाती है, जबकि लगातार आलोचना दूरी पैदा करती है।

3. अहं (Ego) को रिश्ते से ऊपर रखना: 'मैं ही सही हूं' की जिद किसी भी बहस को खत्म नहीं होने देती। याद रखें, बहस जीतकर आप अहंकार को तो तृप्त कर सकते हैं, पर एक प्यारा रिश्ता खो सकते हैं।

4. अपनों को 'फॉर ग्रांटेड' लेना: बाहर वालों के साथ शालीनता और घर पर गुस्सा दिखाना रिश्तों को खोखला कर देता है। आपके परिवार को भी उतने ही सम्मान और प्रेम की जरूरत है, जितना आप दूसरों को देते हैं।

5. सुनने की कला का अभाव: यदि आप सिर्फ अपनी राय थोपते हैं और सामने वाले की बात नहीं सुनते, तो वह व्यक्ति आपके साथ घुटन महसूस करने लगेगा। संवाद हमेशा दोतरफा होना चाहिए।

निष्कर्ष: रिश्ते बनाना सरल है, पर निभाना एक कला। एक छोटा सा बदलाव, थोड़ी सी प्रशंसा और अपनों के लिए निकाला गया कीमती वक्त किसी भी मुरझाते रिश्ते को फिर से खिला सकता है।

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