क्या स्मोकिंग से कम होता है मेंटल स्ट्रेस, एक्सपर्ट्स से जानें सच्चाई

क्या स्मोकिंग से कम होता है मेंटल स्ट्रेस, एक्सपर्ट्स से जानें सच्चाई
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स्मोकिंग करने वाले कई लोग ये जरूर कहते हैं कि स्मोकिंग से उनका मन शांत होता है और मेंटल स्ट्रेस कम होता है. जिस दिन स्ट्रेस ज्यादा है उस दिन स्मोकिंग भी अधिक हो जाती है. ऑफिस में काम करने वालों में तो ये एक आम धारणा बन भी गई है, लेकिन क्या सच में धूम्रपान मानसिक तनाव कम करता है, या यह सिर्फ एक भ्रम है?

पहले ये जान लेते हैं कि लोगों को ऐसा क्यों लगता है कि स्मोकिंग से मानसिक तनाव कम हो रहा है. इसका कारण यह है कि सिगरेट या स्मोकिंग वाले अन्य कई चीजों में भी निकोटिन मौजूद होता है. ये कुछ ही सेकंड में दिमाग तक पहुंच जाता है. यह शरीर में डोपामिन जैसे हार्मोन को रिलीज करने में मदद करता है. ये एक फील गुड हार्मोन होता है. जब ये रिलीज होता है तो व्यक्ति को खुशी महसूस होती है. इससे लोगों को यह महसूस होता है कि स्मोकिंग करने से उनका स्ट्रेस खत्म हो रहा है.

क्या स्मोकिंग से मानसिक तनाव वाकई कम होता है?

दिल्ली के लंग्स वैलनेस सेंटर में डॉ. नेहा वाधेरा बताती हैं कि निकोटिन मूड बेहतर कर सकता है, लेकिन यह कुछ सेकेंड से मिनटों के लिए ही होता है. स्मोकिंग से मानसिक तनाव कम नहीं होता है, बल्कि कुछ समय बाद शरीर में निकोटिन की कमी होने पर बेचैनी और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है.

डॉ नेहा कहती हैं कि जो लोग लंबे समय तक स्मोकिंग करते हैं उनको फेफड़ों से संबंधित बीमारियां होने लगती हैं. ऐसे लोगों को सांस लेने में कठिनाई, बार-बार खांसी और फेफड़ों के कैंसर तक का खतरा शामिल है. कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने फेफड़ों की सूजन, COPD जैसी फेफड़ों की बीमारियों और दिल के दौरे के बीच मजबूत संबंध दिखाया है.

डॉ नेहा के मुताबिक, स्मोकिंग से मानसिक तनाव कम नहीं होता बल्कि लंबे समय तक स्मोकिंग करने से मानसिक तनाव बढ़ता जरूर है.

स्मोकिंग की आदत को कैसे छोड़ें?

स्मोकिंग छोड़ने के लिए दवाओं और थेरेपी सहित कई तरीकों का यूज किया जाता है. मरीज को क्या परेशानी है उसके आधार पर उसको थेरेपी दी जाती है. डॉ नेहा कहती हैं कि स्मोकिंग छोड़ने के बाद कुछ समस्याएं आती भी हैं तो उनको थोड़े समय के ट्रीटमेंट से आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है.

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