गोवा से 150 KM दूर है कर्नाटक का ये ऑफबीट स्पॉट, खूबसूरती देख हो जाएंगे मंत्रमुग्ध

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेकर लोग किसी शांत जगह पर अपनों के साथ फुर्सत के पल बिताना पसंद करते हैं. हालांकि, देश में लगातार बढ़ते टूरिज्म की वजह से अब गोवा और दमन जैसी जगहों पर भी काफी भीड़ देखने को मिलती है. ऐसे में अब लोग चाहते हैं कि वो ऐसे ऑफबीट स्पॉट को एक्सप्लोर करें जहां वो प्रकृति के पास कुछ सुकून भरे पल बिता पाएं. अगर आप भी इनमें से एक हैं तो कर्नाटक का ये शहर आपके लिए एक परफेक्ट स्पॉट है.
यहां गोकर्ण की बात हो रही है. अगर आपको बीच एक्स्प्लोर करना पसंद है और आप गोवा नहीं जाना चाहते तो ये स्पॉट आपके लिए बेस्ट है. यही नहीं, गोकर्ण एडवेंचर करने के लिहाज से भी किसी से कम नहीं हैं. आप यहां वॉटर एक्टिविटीज के साथ ट्रेकिंग के मजे भी ले सकते हैं. सबसे खास बात ये है कि गोकर्ण गोवा से ज्यादा दूर भी नहीं है. वैसे तो गोकर्ण कर्नाटक राज्य में आता है, लेकिन ये गोवा-कर्नाटक के बॉर्डर पर ही पड़ता है.
लहराते ताड़ के पेड़ों और प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों के लिए गोकर्ण मशहूर है. साथ में ये शहर गोवा, मैंगलोर और हुबली जैसे फेमस टूरिस्ट्स स्पॉट्स से ज्यादा दूर भी नहीं है. गोवा से तो गोकर्ण लगभग 150 किलोमीटर दूर है. यही नहीं, गोकर्ण के खूबसूरत कल्चर को देखकर आपको यहां दोबारा आने का मन जरूर करेगा.
गोकर्ण में घूमने लायक स्पॉट्स
गोकर्ण बीच: अगर आप गोकर्ण आये और गोकर्ण बीच को एक्स्प्लोर नहीं किया तो समझिये कि आपकी ट्रिप अधूरी रह गई. फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए ये बीच परफेक्ट है. साथ ही यहां का शांत वातावरण आपकी सारी थकान उतार देगा. यहां के मनमोहक नजारे आपको मंत्रमुग्ध करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. इसलिए गोकर्ण बीच को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करिए.
महाबलेश्वर मंदिर: गोकर्ण जा रहे हैं तो महाबलेश्वर मंदिर के दर्शन करना तो बनता ही है. ये मंदिर शहर के मशहूर टूरिस्ट्स स्पॉट्स में से एक है, जहां बड़ी तादाद में भक्त दर्शन करने आते हैं. इस मंदिर का एक अलग ही इतिहास है और इस मंदिर में आत्मलिंग है जो हजारों साल पहले भगवान शिव द्वारा प्रदान की गई शक्तियों और आशीर्वाद का प्रतिनिधि है. ऐसा कहा जाता है कि इसका निर्माण चौथी शताब्दी के आसपास हुआ था.
