इन 4 कामों से होता है घर में लक्ष्मी का आगमन, पैसों की नहीं रहती किल्लत

इन 4 कामों से होता है घर में लक्ष्मी का आगमन, पैसों की नहीं रहती किल्लत
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चाणक्य एक महान अर्थशास्त्री होने के साथ कुशल रणनीतिकार और राजनीतिज्ञ थे. उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर एक ग्रंथ की रचना की, जिसे आज चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है. इस ग्रंथ में राजनीति, समाज, धर्म और निजी संबंध से जुड़े जीवन के विभिन्न पहलुओं पर नीति बनाई हैं. इसमें मानव स्वभाव, शासन, प्रशासन, और व्यवहार संबंधी नियमों का वर्णन किया गया है. यह किसी भी व्यक्ति के जीवन को सरल और सफल बनाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है. आचार्य चाणक्य ने ऐसे ही एक श्लोक में बताया है कि अगर कोई व्यक्ति ये 4 काम करता है, तो उसके घर में पैसों का अंबार लग जाता है. ऐसे लोगों के घर में माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है.

मां लक्ष्मी की रहती है विशेष कृपा

भारतीय संस्कृति यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता वाक्य की द्योतक है. यानी कि जहां नारी की पूजा होती है वहां भगवान बसते हैं. आचार्य चाणक्य का भी कहना है कि जिस घर में महिलाओं का आदर सम्मान होता है. उस घर पर माता लक्ष्मी की खास कृपा बनी रहती है. ऐसे घरों में माता लक्ष्मी रहना पसंद करती है. यही वजह है कि ऐसे घरों में आर्थिक समृद्धि और संपन्नता में बढ़ोतरी होती रहती है.

माता लक्ष्मी का होता है वास

चाणक्य नीति के अनुसार, जिन घरों में साफ-सफाई को नजरअंदाज नहीं किया जाता है. यानी की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है, उस घर में माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. ऐसे घर में माता लक्ष्मी का वास माना जाता है. जिसकी वजह से घरों में कमाई के नए स्रोत बनते रहते हैं.

इन घरों में रहना पसंद करती हैं मां लक्ष्मी

भारतीय परंपरा में अतिथियों को भगवान का दर्जा दिया गया है. चाणक्य नीति में लिखा है कि जिस घर में मेहमान के सम्मान और सत्कार में कोई कमी नहीं होती है, तो उस घर में पैसों की भी कोई कमी नहीं होगी, क्योंकि इन घरों में माता लक्ष्मी रहना पसंद करती है.

पैसों की नहीं रहती कोई कमी

चाणक्य नीति के श्लोक में बताया गया है कि घरों में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा, हवन होते रहना चाहिए. इसकी वजह से घर में माता लक्ष्मी का वास बना रहता है. इन घरों में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है, जिसकी वजह से घर के सदस्यों को पैसों की किल्लत से नहीं गुजरना पड़ता है.

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