रिश्तों में खामोशी का जहर: क्या आपकी पत्नी भी दे रही हैं ये 6 रेड फ्लैग्स?

रिश्तों में खामोशी का जहर: क्या आपकी पत्नी भी दे रही हैं ये 6 रेड फ्लैग्स?
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रिश्तों में खटास और अनबन तो आम बात है, लेकिन पति-पत्नी के रिश्ते में सबसे डरावना मोड़ वह होता है जब शिकायते, नाराजगी और गुस्सा शब्दों का साथ छोड़कर खामोशी और इशारों की दुनिया में गुम हो जाते हैं। कई बार पतियों को लगता है कि अगर घर में शोर नहीं है, कोई झगड़ा नहीं हो रहा है, तो इसका मतलब है कि "सब ठीक है" (All is well)। लेकिन, अक्सर यह शांति किसी आने वाले चक्रवात का संकेत होती है। अगर आपकी पत्नी भी नीचे बताई गई 6 बातें या व्यवहार कर रही हैं, तो समझ जाइए कि उनके दिल में कोई बहुत पुरानी और गहरी नाराजगी दबी हुई है, जो कभी भी फूट सकती है।

"कुछ नहीं" और "सब ठीक है" का बार-बार इस्तेमाल

जब आप प्यार से पूछें "क्या हुआ?" और उनका जवाब रूखी आवाज़ में सिर्फ "कुछ नहीं" या "सब ठीक है" हो, तो यकीन मानिए, कुछ भी ठीक नहीं है। जब महिलाएं अपनी बात समझा-समझा कर थक जाती हैं या उन्हें लगता है कि आप उनकी भावनाएं नहीं समझ पाएंगे, तो वे अपनी नाराजगी को इन्हीं छोटे-छोटे शब्दों के पीछे छिपा लेती हैं।

घर में अचानक गहरी खामोशी

जो पत्नी पूरे दिन घर की बातें, ऑफिस के किस्से या बच्चों की शिकायतें आपसे करती थी, अगर वह अचानक बिल्कुल चुप हो जाए, तो यह एक बहुत बड़ा रेड फ्लैग है। यह खामोशी बताती है कि वह मानसिक रूप से आपसे दूर जा रही है और उसने आपसे अपनी फीलिंग्स शेयर करना बंद कर दिया है।

"रहने दो, मैं खुद कर लूंगी" वाला रवैया

क्या आपकी पत्नी ने अचानक आपसे मदद मांगना बंद कर दिया है? अगर आप किसी काम में हाथ बंटाने की कोशिश करते हैं और उनका जवाब आता है, "रहने दो, मुझे किसी की जरूरत नहीं है, मैं खुद कर लूंगी," तो यह उनकी आत्मनिर्भरता नहीं, बल्कि उनका गुस्सा है। यह इस बात का संकेत है कि उन्हें लगता है कि आप उनके लिए तब मौजूद नहीं थे, जब उन्हें आपकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।

बात-बात पर ताने मारना या पुरानी गलतियां निकालना

अगर अचानक से बातों-बातों में पुरानी बातों का जिक्र होने लगे, या किसी सामान्य सी बात पर भी वह व्यंग्य कसने लगें, तो समझें कि उनके अंदर बहुत सारा गुस्सा भरा हुआ है। वे सीधे तौर पर अपनी मौजूदा परेशानी नहीं बता पा रही हैं, इसलिए पुरानी गलतियों के जरिए अपनी भड़ास निकाल रही हैं।

बिना कुछ कहे बॉडी लैंग्वेज से गुस्सा दिखाना

कई बार गुस्सा जुबान से नहीं, बल्कि शरीर के हाव-भाव से जाहिर होता है। जैसे- दरवाजों को जोर से बंद करना, रसोई में बर्तन या सामान जोर से रखना, आपकी बात सुनते समय जोर-जोर से लंबी सांसें लेना, फोन या टीवी में इस कदर खो जाना जैसे आप कमरे में हैं ही नहीं।

नजरें न मिलाना और दूरी बनाना

प्यार और अपनेपन की सबसे पहली पहचान है आंखों में देखना और पास बैठना। अगर आपकी पत्नी आपसे बात करते वक्त नजरें चुरा रही है, आपके पास बैठने से बच रही है, या आपके छूने पर असहज महसूस कर रही है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि उनके मन में कोई गहरी ठेस पहुंची है।

अगर आपको अपनी पत्नी में ये संकेत दिख रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल न करें। उन्हें अकेला छोड़ने के बजाय, उनके पास बैठें, उनका हाथ पकड़ें और बिना किसी बहस या सफाई के उन्हें यह एहसास दिलाएं कि आप उनकी परेशानी सुनना और समझना चाहते हैं। याद रखें, खामोशी का इलाज बात करना ही है, तर्क-वितर्क नहीं।

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