सावधान! रोजाना की ये सामान्य गलतियां आपको बना सकती हैं बहरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता के बीच हम अपनी सेहत के एक महत्वपूर्ण हिस्से—कानों—को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि हमारी कुछ छोटी और अनजानी आदतें सुनने की क्षमता (Hearing Capacity) को धीरे-धीरे खत्म कर रही हैं। यदि समय रहते इन गलतियों को नहीं सुधारा गया, तो कम उम्र में ही बहरेपन का खतरा बढ़ सकता है।

बहरेपन का कारण बनने वाली मुख्य गलतियां

1. ईयरफोन और हेडफोन का अत्यधिक प्रयोग

तेज आवाज में लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल बहरेपन का सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञ 60/60 का नियम अपनाने की सलाह देते हैं: यानी अधिकतम 60% वॉल्यूम पर ही सुनें और दिन भर में 60 मिनट से ज्यादा इस्तेमाल न करें।

2. ईयरबड्स और तीखी चीजों से कान साफ करना

ज्यादातर लोग कान की गंदगी (Wax) साफ करने के लिए कॉटन बड्स, माचिस की तीली या हेयरपिन का इस्तेमाल करते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कान का वैक्स प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। बड्स का इस्तेमाल वैक्स को और अंदर धकेल देता है, जिससे कान का पर्दा फट सकता है या उसमें इन्फेक्शन हो सकता है।

3. तेज आवाज वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा की कमी

शादियों में बजने वाले डीजे, लाउडस्पीकर या पटाखों की आवाज कानों की नसों को स्थाई रूप से डैमेज कर सकती है। यदि आपको शोर वाली जगह पर रहना पड़े, तो इयरप्लग का उपयोग जरूर करें।

4. जुकाम और इन्फेक्शन को नजरअंदाज करना

अक्सर जुकाम होने पर नाक और कान का कनेक्शन प्रभावित होता है। यदि कान में भारीपन या दर्द महसूस हो और आप उसका इलाज नहीं कराते, तो यह इन्फेक्शन पर्दे को नुकसान पहुंचाकर सुनने की शक्ति कम कर सकता है।

5. दवाइयों का गलत सेवन

कुछ पेनकिलर्स और एंटीबायोटिक्स ऐसी होती हैं जिनका अधिक सेवन कानों पर बुरा असर डालता है (Ototoxicity)। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लंबे समय तक न लें।

डॉक्टरों की सलाह: ये लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

कान में लगातार घंटी बजने जैसी आवाज आना (Tinnitus)।

भीड़भाड़ वाली जगह पर बातचीत समझने में दिक्कत होना।

कान में भारीपन या अक्सर खुजली होना।

टीवी या मोबाइल की आवाज सामान्य से ज्यादा रखने की जरूरत पड़ना।

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