चिलचिलाती धूप में भी लहलहाएगा हरा धनिया, बस अपनाएं ये आसान तरीके

चिलचिलाती धूप में भी लहलहाएगा हरा धनिया, बस अपनाएं ये आसान तरीके
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राजस्थान की झुलसाने वाली गर्मी में अक्सर घरों की क्यारियों और गमलों में लगा धनिया सूख जाता है। गृहणियों के लिए रसोई की शान माना जाने वाला हरा धनिया बाजार में भी इस मौसम में काफी महंगा हो जाता है। लेकिन बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर आप 40-45 डिग्री तापमान में भी अपने घर की छत या बालकनी में ताजा धनिया उगा सकते हैं।

गर्मी में धनिया उगाने के खास टिप्स:

बीज का चुनाव और उपचार: गर्मी के लिए हमेशा 'समर वैरायटी' के बीजों का ही चुनाव करें। बुवाई से पहले धनिये के बीजों को दो हिस्सों में तोड़ लें और उन्हें रात भर पानी में भिगोकर रखें। इससे अंकुरण जल्दी और बेहतर होता है।

सही मिट्टी का चयन: गमले की मिट्टी में 50% सामान्य मिट्टी, 30% गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट और 20% कोकोपीट मिलाएं। कोकोपीट मिट्टी में नमी को लंबे समय तक रोक कर रखता है, जो गर्मी में बेहद जरूरी है।

छाया का प्रबंधन (Green Net): तेज दोपहर की धूप धनिये के नाजुक पत्तों को जला देती है। गमलों को ऐसी जगह रखें जहाँ सुबह की 2-3 घंटे की धूप मिले या फिर ऊपर से 'ग्रीन नेट' लगा दें। इससे तापमान नियंत्रित रहता है।

सिंचाई का तरीका: गर्मी में दिन में दो बार (सुबह जल्दी और शाम को सूरज ढलने के बाद) हल्का छिड़काव करें। ध्यान रहे कि गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए, वरना जड़ें गल सकती हैं।

मल्चिंग तकनीक: मिट्टी के ऊपर सूखी घास या पत्तों की एक पतली परत बिछा दें। इससे पानी का वाष्पीकरण कम होगा और मिट्टी ठंडी बनी रहेगी।

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