तरबूज खाने का सही तरीका: गर्मियों का 'अमृत' कहीं बन न जाए 'विष', भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां

तरबूज खाने का सही तरीका: गर्मियों का अमृत कहीं बन न जाए विष, भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां
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भीषण गर्मी के दौर में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए तरबूज को सबसे बेहतरीन फल माना जाता है। इसमें लगभग 91 प्रतिशत पानी और प्राकृतिक शुगर होती है, जो तुरंत एनर्जी देती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि तरबूज खाने का गलत तरीका आपकी सेहत बिगाड़ सकता है? मशहूर योगाचार्य उमंग त्यागी और सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा ने तरबूज के सेवन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण नियम साझा किए हैं।

तरबूज खाने के 3 मुख्य नियम

मई के मध्य के बाद ही खाएं: आयुर्वेद के अनुसार, तरबूज पूर्ण रूप से ग्रीष्म ऋतु का फल है। मार्च और अप्रैल में बाजार में आने वाले तरबूज 'मौसम से पहले' के होते हैं, जिन्हें पचाने के लिए हमारा शरीर तैयार नहीं होता। इसलिए इसे मई का आधा महीना बीतने के बाद ही डाइट में शामिल करें।

सही समय का चुनाव: तरबूज खाने का सबसे उत्तम समय सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच है।

अकेला ही खाएं: तरबूज को कभी भी दूध, दही या किसी भारी भोजन के साथ न लें। इसे हमेशा अकेले ही खाना चाहिए ताकि पाचन तंत्र पर दबाव न पड़े।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

खाली पेट सेवन: तरबूज तासीर में ठंडा और भारी होता है। खाली पेट इसे खाने से 'जठराग्नि' मंद हो जाती है, जिससे पाचन कमजोर होता है और शरीर में टॉक्सिन्स (आमदोष) बन सकते हैं। इससे सुस्ती और भारीपन महसूस होता है।

ब्लड शुगर का खतरा: तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (72-76) काफी अधिक होता है। खाली पेट खाने से शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है, जो विशेषकर डायबिटीज के मरीजों के लिए हानिकारक है।

फ्रिज का ठंडा तरबूज: बाजार से लाकर तुरंत फ्रिज में रखा ठंडा तरबूज खाने से पाचन बिगड़ सकता है और गले में खराश या जुकाम की समस्या हो सकती है।

क्या है सही तरीका?

तरबूज को बाजार से लाने के बाद उसे सीधे फ्रिज में रखने के बजाय सामान्य तापमान वाले पानी में 30 मिनट से 1 घंटे तक डुबोकर रखें। इसके बाद इसे काटकर खाना सबसे सुरक्षित और फायदेमंद होता है। यह न केवल पित्त को शांत करता है बल्कि शरीर को प्राकृतिक ठंडक भी देता है।

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