होली की खुशियों पर न लगे बीमारी का रंग: केमिकल युक्त रंगों से त्वचा संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञ बोले—'इलाज से बेहतर बचाव'

होली की खुशियों पर न लगे बीमारी का रंग: केमिकल युक्त रंगों से त्वचा संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञ बोले—इलाज से बेहतर बचाव
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रंगों का त्योहार होली खुशियां लेकर आता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आपकी त्वचा के लिए भारी पड़ सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, होली के बाद त्वचा रोग विभाग में मरीजों की संख्या में अचानक 20 से 30 फीसदी का इजाफा हो जाता है। इसका मुख्य कारण बाजार में मिलने वाले मिलावटी और केमिकल युक्त रंग हैं, जिनमें औद्योगिक डाई, भारी धातुएं और माइका जैसे हानिकारक तत्व मिले होते हैं।

कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस और संक्रमण का बढ़ा जोखिम

कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया कि होली के बाद सबसे ज्यादा मामले 'कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस' के आते हैं। इसमें चेहरे, गर्दन और हाथों पर लाल रंग के खुजलीदार दाने और सूजन वाले पैच बन जाते हैं। संवेदनशील त्वचा, एक्जिमा या मुंहासों से ग्रसित लोगों और बच्चों में एलर्जी का खतरा सबसे अधिक रहता है। कई बार रंगों के कारण त्वचा के रोम छिद्र (पोर्स) बंद हो जाते हैं, जिससे बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण की समस्या भी पैदा हो जाती है।

सावधान! रंग छुड़ाने की जल्दबाजी पड़ सकती है भारी

डॉक्टरों का कहना है कि लोग अक्सर रंग हटाने के लिए त्वचा को जोर-जोर से रगड़ते हैं या कठोर साबुन का इस्तेमाल करते हैं। इससे त्वचा छिल जाती है और छोटे-छोटे कट बन जाते हैं, जो बाद में गहरे इंफेक्शन या निशान का रूप ले लेते हैं। इसके अलावा, आंखों में रंग जाने से कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का आना) और कॉर्नियल इरोशन जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

होली के बाद दिखने वाली प्रमुख समस्याएं:

त्वचा पर अत्यधिक लालिमा, जलन और सूजन।

त्वचा का रूखा होना और पपड़ी बनकर उतरना।

पुराने मुंहासों का बिगड़ना या नए दाने निकलना।

आंखों में लगातार इरिटेशन और पानी आना।

सुरक्षित होली के लिए विशेषज्ञों के 'गोल्डन टिप्स':

सुरक्षा कवच: रंग खेलने से पहले पूरे शरीर पर नारियल तेल या गाढ़ा मॉइस्चराइज़र लगाएं।

सही पहनावा: शरीर को पूरी तरह ढकने वाले (फुल स्लीव) कपड़े पहनें और सनस्क्रीन का प्रयोग करें।

नेचुरल चुनाव: केवल हर्बल, प्राकृतिक या स्किन-फ्रेंडली गुलाल का ही उपयोग करें।

हल्का क्लींजर: रंग छुड़ाने के लिए गुनगुने पानी और सौम्य क्लींजर का उपयोग करें, रगड़ें बिल्कुल नहीं।

डॉक्टरी सलाह: यदि खुजली या जलन 24 घंटे से अधिक रहे, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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