उदयपुर में भारी बारिश का कहर: मकान ढहे, स्कूल बंद, बांधों के गेट खुले

उदयपुर, उदयपुर में लगातार हो रही भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त के लिए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते जिला कलेक्टर ने मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। यह अवकाश उदयपुर नगर निगम सीमा को छोड़कर जिले के सभी क्षेत्रों में लागू होगा, जबकि आंगनवाड़ी केंद्रों का अवकाश शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्रभावी रहेगा।
मकान ढहने से एक व्यक्ति की मौत
भारी बारिश के कारण जिले में कई जगह मकान ढहने की घटनाएं सामने आई हैं। ऋषभदेव में एक मकान के गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, गोगुंदा के वीरपुरा में आदूजी का वास गांव में एक केलूपोश मकान भरभराकर ढह गया। इस दौरान मकान में रतन सिंह, उनकी पत्नी और तीन बच्चे मौजूद थे। ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिवार को सुरक्षित निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जल संसाधन और बांधों की स्थिति
लगातार बारिश के कारण जल संसाधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाए हैं। आकोदड़ा बांध का एक गेट खोल दिया गया है, जिसका पानी कोड़ियात और सीसारमा होते हुए उदयपुर पहुंच रहा है। इसी तरह, स्वरूपसागर झील के चारों गेट रविवार को खोले गए, जिसका पानी आयड़ नदी के रास्ते उदयसागर झील में जा रहा है। उदयसागर झील के डूब क्षेत्र में पानी बढ़ने से पहले ही रात को इसके दो गेट, प्रत्येक 3 फीट की ऊंचाई तक, खोल दिए गए हैं। इसके अलावा, थूर की पाल पर चादर चल रही है, जो जलस्तर की गंभीरता को दर्शाता है।
बाढ़ और मार्ग बाधित
खेरवाड़ा तहसील के हिंका ग्राम पंचायत के अकोट गांव में भारी बारिश के कारण तीन घर और कई दुकानें पानी में डूब गईं। मेवाड़ भील कोर परेड ग्राउंड के सामने एक पुलिया पानी के तेज बहाव में बह गई, जिससे जवास-झुंथरी गांव को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
प्रशासन का अलर्ट और कल स्कूल अवकाश
मौसम विभाग ने उदयपुर को ऑरेंज अलर्ट जोन में रखा है, जिसके तहत भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने 26 अगस्त को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
स्थानीय लोगों की मदद
बारिश के कारण फंसे लोगों की मदद के लिए स्थानीय निवासियों ने भी हाथ बढ़ाया है। कई जगहों पर ग्रामीणों ने प्रभावित लोगों को अपने घरों में शरण दी और उनकी मदद की। प्रशासन ने भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
