श्रीगंगानगर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा रंगदारी नेटवर्क ध्वस्त, पांच और आरोपी गिरफ्तार

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी आरजू बिश्नोई गिरोह से जुड़े एक बड़े रंगदारी मामले में पुलिस ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुजरात के एक व्यक्ति से वसूली गई करीब एक करोड़ रुपये की रंगदारी राशि को इधर उधर करने वाले नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में हुई ताजा गिरफ्तारियों से लॉरेंस और आरजू बिश्नोई के राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में फैले रंगदारी वितरण नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। जांच में सामने आया है कि पिछले सप्ताह गुजरात के एक व्यक्ति से वसूली गई लगभग एक करोड़ रुपये की रकम जोधपुर लाई गई थी। इसके बाद इस राशि को आगे पहुंचाने और खपाने के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
इस मामले में पुलिस ने 29 और 30 दिसंबर की रात जोधपुर से रायसिंहनगर लौटते समय कुलदीप, रामस्वरूप और अमन को गिरफ्तार किया था। इन तीनों के पास से 90 लाख 84 हजार 900 रुपये बरामद किए गए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शेष करीब 9 लाख रुपये जोधपुर में ही एक व्यक्ति ने अपने हिस्से के रूप में रख लिए थे।
आज जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें जयमल 42 वर्ष पुत्र सुल्तानराम, जयपाल 45 वर्ष पुत्र सुगनचंद निवासी चक 32 पीएस समेजा कोठी, मनीष 33 वर्ष पुत्र राजेशकुमार, घनश्याम 29 वर्ष पुत्र साहबराम निवासी सूरतगढ़ और बलविंदरसिंह उर्फ विनोद 30 वर्ष पुत्र जगराम निवासी चक 12 पीएस रायसिंहनगर शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक जयपाल इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी था। गुजरात से वसूली गई रंगदारी की रकम जोधपुर में जयपाल के पास पहुंचाई गई थी। इसके बाद जयपाल ने रकम आगे ले जाने के लिए योगेश को बुलाया, जिसने अपने पिता कुलदीप को जोधपुर भेजा। कुलदीप के साथ रायसिंहनगर निवासी रामस्वरूप और अमन तथा सूरतगढ़ निवासी घनश्याम भी शामिल हुए। सभी 29 और 30 दिसंबर की रात जोधपुर से रकम लेकर लौटे थे। वापसी के दौरान घनश्याम को सूरतगढ़ में उतार दिया गया, जबकि बाकी तीन श्रीविजयनगर रायसिंहनगर मार्ग पर पुलिस की घेराबंदी में पकड़े गए।
पुलिस ने बताया कि जयपाल ने रंगदारी की रकम में से करीब 9 लाख रुपये अपने पास रखे थे। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस शेष राशि की बरामदगी के प्रयास कर रही है। पहले गिरफ्तार किए गए कुलदीप, रामस्वरूप, अमन और योगेश को तीन दिन की गहन पूछताछ के बाद जनवरी तक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस दौरान चार से पांच अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके आधार पर आज की गिरफ्तारियां संभव हो सकीं। उन्होंने इसे राजस्थान का पहला ऐसा मामला बताया, जिसमें कुख्यात गैंगस्टरों द्वारा रंगदारी वसूली और उसकी रकम के पूरे नेटवर्क को उजागर कर ध्वस्त किया गया है।
अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे गैंग के क्षेत्रीय ऑपरेशंस पर बड़ा असर पड़ने की बात कही जा रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
