सरकारी स्कूलों में अब प्रार्थना सभा में पढ़े जाएंगे अखबार, राजस्थान सरकार का नया शैक्षणिक प्रयोग

जयपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा को किताबों तक सीमित न रखकर व्यवहारिक और समसामयिक बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार ने अहम कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के बाद अब राजस्थान के सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने का अवसर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को देश-दुनिया की घटनाओं से जोड़ना और उनकी भाषा व समझने की क्षमता को मजबूत करना है।
राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार स्कूलों की प्रार्थना सभा के दौरान प्रतिदिन एक हिंदी और एक अंग्रेजी समाचार पत्र का वाचन कराया जाएगा। इससे विद्यार्थी न केवल ताजा घटनाओं से परिचित होंगे, बल्कि उनकी पढ़ने, सुनने और सोचने की क्षमता का भी विकास होगा।
शिक्षा विभाग के आदेश के तहत सभी सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम दो अखबार अनिवार्य रूप से रखे जाएंगे, जिनमें एक हिंदी और एक अंग्रेजी होगा। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दो हिंदी समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि छोटे स्तर से ही बच्चों में अखबार पढ़ने की आदत विकसित हो सके।
शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि प्रार्थना सभा में पढ़े जाने वाले समाचार पत्रों से प्रतिदिन पांच नए शब्दों का चयन किया जाएगा और विद्यार्थियों को उनके अर्थ समझाए जाएंगे। इससे बच्चों की शब्दावली लगातार बढ़ेगी और वे भाषा का बेहतर प्रयोग करना सीखेंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि समाचार पत्रों का नियमित वाचन विद्यार्थियों को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों की समझ देगा। इससे उनमें विश्लेषण की क्षमता विकसित होगी और वे जागरूक व जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। सरकार का यह निर्णय शिक्षा को अधिक जीवंत, व्यावहारिक और उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
