भारत की सुरक्षा के सबसे बड़े खतरे भ्रष्टाचार और जनसंख्या विस्फोट उपाध्याय

चित्तौड़गढ़ हलचल । राष्ट्रवादी चिंतक अश्विनी उपाध्याय ने कहा है कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और जनसंख्या विस्फोट है। उन्होंने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर नियंत्रण के लिए समाज के बुद्धिजीवियों और जागरूक नागरिकों को खुलकर आवाज उठानी होगी।
शनिवार को चित्तौड़गढ़ में जन चेतना मंच द्वारा आयोजित सुरक्षित भारत विषयक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए उपाध्याय ने बताया कि देश में जहां आतंकवाद से प्रतिवर्ष लगभग दो हजार लोगों की जान जाती है, वहीं नशे की वजह से हर साल दो लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग डेढ़ सौ करोड़ की आबादी में करीब दस करोड़ लोग नशे की चपेट में हैं, जो सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
उन्होंने यह भी बताया कि हर साल एक करोड़ लोगों में से लगभग पच्चीस लाख लोग अकाल मृत्यु का शिकार होते हैं। इसके पीछे प्रदूषण, भूखमरी, विभिन्न बीमारियां, सड़क हादसे और अन्य दुर्घटनाएं प्रमुख कारण हैं। इन सभी समस्याओं का विश्लेषण करने पर दो मूल कारण सामने आते हैं, भ्रष्टाचार और जनसंख्या विस्फोट।
उपाध्याय ने कहा कि भारत का संविधान दस देशों के संविधानों का अध्ययन कर तैयार किया गया था और उसमें जनसंख्या नियंत्रण की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है। इसके बावजूद आजादी के 75 वर्ष बाद भी संसद या विधानसभा में इस विषय पर गंभीर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जनसंख्या बढ़ने के साथ गरीबों का अनुपात भी बढ़ रहा है, लेकिन राजनीतिक दल इस पर चर्चा से बचते हैं।
उन्होंने न्याय इसी वर्ष के सिद्धांत के तहत जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाकर सख्त कानून बनाने की मांग करने का आह्वान किया। साथ ही एक सशक्त भारतीय दंड संहिता के निर्माण की जरूरत भी बताई।
भ्रष्टाचार पर बोलते हुए उपाध्याय ने कहा कि घूसखोरी, मिलावटखोरी, तस्करी, आतंकवाद और अलगाववाद की फंडिंग जैसे मामलों की जड़ में भ्रष्टाचार है और इसे केवल कड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से ही रोका जा सकता है।
कार्यक्रम से पहले जन चेतना मंच के संस्थापक डॉ आई एम सेठिया ने स्वागत उद्बोधन दिया। समारोह का संचालन राष्ट्र सेविका समिति की राष्ट्रीय सदस्य तथा चित्तौड़गढ़ अर्बन को ऑपरेटिव बैंक की प्रबंध संचालक वंदना वजीरानी ने किया।
भीलवाड़ा और आसपास की हर बड़ी हलचल से जुड़े रहने के लिए भीलवाड़ा हलचल को खबरें और सूचनाएं भेजते रहें।
