दुर्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए चलेगा विशेष अभियान

चित्तौड़गढ़, । जिला कलक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टर चेंबर में दुर्ग एवं शहर की सफाई व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं गाइड यूनियन के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दुर्ग पर आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं दुर्ग की स्वच्छ व सकारात्मक छवि बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला कलक्टर ने ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए शीघ्र विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्ग पर आने वाले पर्यटक यहां से अच्छी छवि लेकर जाएं, इसके लिए स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। दुर्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु नगर परिषद एवं यूआईटी द्वारा संयुक्त रूप से अभियान की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके तहत जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा आमजन एवं पर्यटकों को कपड़े की थैलियों का वितरण किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने नगर परिषद को दुर्ग एवं शहर क्षेत्र में नियमित, प्रभावी एवं व्यवस्थित सफाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पर्यटकों एवं आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में “एक जिला-एक पर्यटन स्थल” योजना के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ जिले को स्वीकृत दो सुलभ कॉम्प्लेक्स के संबंध में भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने बताया कि स्वीकृत बजट के तहत दुर्ग क्षेत्र में एक सुलभ कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण की जाए। इसके साथ ही उन्होंने दुर्ग के ऐतिहासिक स्थलों एवं इमारतों पर उपयुक्त साइनेज लगाने, एकत्रित कचरे के समुचित निस्तारण तथा स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक, अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अ) रामचंद्र खटीक, उपखंड अधिकारी बीनू देवल, नगर परिषद प्रशासक कैलाश चंद्र गुर्जर सहित पुरातत्व विभाग, नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी एवं गाइड यूनियन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
