ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला: आरोपी महिला फिजियोथैरेपिस्ट अंकिता जाट गिरफ्तार

ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला: आरोपी महिला फिजियोथैरेपिस्ट अंकिता जाट गिरफ्तार
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श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर में करीब दस महीने पुराने ब्लैकमेलिंग और स्टेशनरी विक्रेता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर मामले में सदर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी 33 वर्षीय महिला फिजियोथैरेपिस्ट अंकिता जाट को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने के आदेश दिए गए हैं।

एक साल से चल रहा था प्रताड़ना का खेल

सदर थाना प्रभारी सुभाषचंद्र ढील ने बताया कि आरोपी अंकिता जाट (पुत्री गुरदयालसिंह), जो हनुमानगढ़ जिले के गांव गुड़िया (थाना फेफाना) की निवासी है, को मंगलवार शाम टांटिया यूनिवर्सिटी के निकट जनसेवा हॉस्पिटल कैंपस से पकड़ा गया। यह मामला 22 जून 2024 का है। सादुलशहर के दुललपुरा निवासी 42 वर्षीय संदीप बिश्नोई ने जहर खाने के बाद अस्पताल के आईसीयू वार्ड में अपने अंतिम बयानों में अंकिता पर गंभीर आरोप लगाए थे। संदीप ने बताया था कि अंकिता उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी और बार-बार पैसों की मांग कर सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने की धमकी दे रही थी।

आईसीयू में बयान देने के बाद हुई थी मौत

मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर संदीप बिश्नोई ने रीको उद्योग विहार स्थित अपनी दुकान के पास से कीटनाशक खरीदकर सेवन कर लिया था। अस्पताल में उपचार के दौरान बयान देने के कुछ देर बाद ही संदीप की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने पहले ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद इसमें धारा 306 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरणा) जोड़ दी गई।

कई अधिकारियों ने की जांच, हर बार दोषी पाई गई अंकिता

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कई बार बदली गई। एएसआई हेतराम, सब-इंस्पेक्टर राजकुमार और भादरा थाना प्रभारी के बाद अंत में अनूपगढ़ डीएसपी प्रशांत कौशिक को जांच सौंपी गई। सभी अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में अंकिता को दोषी माना। लगभग एक महीने पहले जांच फाइल वापस सदर थाना पहुंची, जिसके बाद अंतिम जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर रामपाल गोदारा ने जाल बिछाया।

यूनिवर्सिटी के पास से हुई गिरफ्तारी

घटना के समय अंकिता टांटिया यूनिवर्सिटी में फिजियोथैरेपी का कोर्स कर रही थी। पिछले एक महीने से पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन वह फरार चल रही थी। मंगलवार को जब वह कोई फॉर्म भरने के लिए जनसेवा हॉस्पिटल कैंपस पहुंची, तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। अदालत ने आरोपी की गंभीरता को देखते हुए उसे जेल भेज दिया है।

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