पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र योजना के अंतर्गत जागृति सप्ताह कार्यक्रम आयोजित

सीकर, । पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र योजना के अंतर्गत जिले में 6 अप्रैल से 11 अप्रैल तक जागृति सप्ताह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में 10 अप्रैल, 2026 को महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र कुमार चौधरी के निर्देशानुसार टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सीकर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के निदेशक जगन जी चाहर के समन्वय से किया गया।
केंद्र प्रबंधक नीलम कुमारी एवं रिचा पारीक ने विभिन्न सरकारी फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य घटते बाल लिंगानुपात में सुधार करना, लैंगिक भेदभाव को रोकना तथा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर कानून द्वारा कठोर दंड का प्रावधान है। बार-बार गर्भपात कराने से माताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। मुखबिर योजना के अंतर्गत 3 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है, जिससे भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
कार्यक्रम में कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि जो बालिकाएं एवं महिलाएं किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा पाती हैं, वे घर पर रहकर परीक्षा उत्तीर्ण कर सकती हैं। इस योजना में एक बार आवेदन करने के पश्चात पांच वर्षों में नौ बार परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाता है।
मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना के अंतर्गत 16 से 40 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाएं एवं महिलाएं आरएससीआईटी, टैली तथा स्पोकन इंग्लिश में से किसी एक कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती हैं। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, हिंसा से पीड़ित एवं दिव्यांग महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा सामान्य महिलाओं को 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है।
लाड़ो प्रोत्साहन योजना, जो 1 अगस्त, 2024 से लागू है, के अंतर्गत बालिका को जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक सात किश्तों में कुल 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिससे बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है।
मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना के तहत महिलाएं घर से कार्य कर अपने परिवार की आजीविका में योगदान दे सकती हैं। इस योजना में विभाग द्वारा पंजीकृत कंपनियों, एनजीओ एवं संस्थानों को प्रति महिला 3 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है, जिससे महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान घरेलू हिंसा, वन स्टॉप सेंटर, पीएसएसके एवं एमएसएसके केंद्रों की जानकारी भी दी गई तथा राजकॉप सिटीजन ऐप के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सरिता ढाका ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए उपस्थितजनों को हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं अन्य उपस्थितजन मौजूद रहे।
---------------------------
