जयपुर में सीजन की पहली मावठ और सीकर में ओलावृष्टि, 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

जयपुर | राजस्थान में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ ने प्रदेश के मौसम की तस्वीर बदल दी है। शुक्रवार सुबह राजधानी जयपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में आंधी के साथ तेज बारिश हुई और ओले गिरे। इस बदलाव ने जहां एक तरफ कड़ाके की ठंड की वापसी करा दी है, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। राजधानी में 'मावठ' का प्रहार और ठिठुरन जयपुर में शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे से ही मौसम के तेवर बदल गए थे। सुबह 6:30 बजे बिजली की गड़गड़ाहट के साथ शुरू हुई तेज बारिश करीब एक घंटे तक जारी रही। सीजन की इस पहली 'मावठ' के कारण शहर के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं के चलने से गलन बढ़ गई है, जिसका सीधा असर सड़कों पर भी देखने को मिला; टोंक रोड जैसे व्यस्त इलाकों में भी सुबह के वक्त ट्रैफिक काफी कम नजर आया।
सीकर में ओलों की चादर, टोंक और अलवर में भी भीगे लोग
शेखावाटी का सीकर जिला शुक्रवार सुबह ओलावृष्टि की चपेट में रहा। जिले के कोटड़ी, सीमारला और सरगोठ इलाकों में करीब 15 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों में सफेद चादर बिछ गई। इससे रबी की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। उधर, टोंक और नागौर में भी सुबह से बादल छाए रहे और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। अलवर में भी रुक-रुककर हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
आगामी चेतावनी: भारी बारिश से लेकर घने कोहरे तक
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 14 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जबकि 11 अन्य जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है। विभाग के अनुसार, बारिश का यह दौर थमने के बाद 25 जनवरी से प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलेगा। जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर समेत करीब 16 जिलों में घना कोहरा और शीतलहर (Cold Wave) चलने की चेतावनी दी गई है, जिससे आने वाले दिनों में सर्दी का सितम और गहराने वाला है
