पचपदरा रिफाइनरी का ऐतिहासिक सफर: पीएम मोदी 21 अप्रैल को करेंगे पहले चरण का शुभारंभ

बालोतरा/जयपुर। मारवाड़ की किस्मत बदलने वाली पचपदरा रिफाइनरी को लेकर इंतजार की घड़ियाँ समाप्त होने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को बालोतरा जिले में स्थित इस मेगा प्रोजेक्ट के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस महत्वपूर्ण दौरे की पुष्टि की है। यह रिफाइनरी न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनेगा पश्चिमी राजस्थान
बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र में रिफाइनरी शुरू होने से एक विशाल 'इंडस्ट्रियल क्लस्टर' का जन्म होगा। इससे स्थानीय स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और छोटे सहायक उद्योगों का जाल बिछेगा, जिससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। रिफाइनरी में कच्चे तेल के प्रसंस्करण का ट्रायल रन जनवरी से ही जारी है और अब जल्द ही कमर्शियल उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
दो बार हुआ शिलान्यास, लागत में हुआ भारी इजाफा
पचपदरा रिफाइनरी का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इस प्रोजेक्ट का सफर दो शिलान्यासों और समय के साथ बढ़ती लागत की कहानी कहता है:
प्रथम शिलान्यास: 22 सितंबर 2013 को तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसका शिलान्यास किया था। उस वक्त लागत 37,230 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
औपचारिक शुभारंभ: केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद 16 जनवरी 2018 को पीएम मोदी ने नए नियमों के साथ इसका पुनः शुभारंभ किया। तब लागत 43,129 करोड़ रुपये थी।
लागत में वृद्धि: समय के साथ प्रोजेक्ट की लागत बढ़ती गई। जून 2023 में यह 72,937 करोड़ पहुंची और जुलाई 2025 में प्रस्तुत संशोधित प्रस्ताव के बाद अब इसकी कुल लागत 79,459 करोड़ रुपये हो गई है।
HPCL और राजस्थान सरकार का साझा प्रयास
यह रिफाइनरी 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (HPCL) और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है। राजनीतिक खींचतान और तकनीकी कारणों से प्रोजेक्ट के पूरा होने की समयसीमा कई बार बढ़ी, लेकिन अब इसका प्रथम चरण राष्ट्र को समर्पित होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
