24 घंटे, 3 खौफनाक वारदातें: रिश्तों ने रिश्तों का ही गला घोंटा: :अजमेर में माँ ने मासूम को झील में डुबोया, उदयपुर में प्रेमी ने युवती पर चाकू से हमला किया, बाड़मेर में टीचर ने प्रेमिका की हत्या कर दी

:अजमेर में माँ ने मासूम को झील में डुबोया, उदयपुर में प्रेमी ने युवती पर चाकू से हमला किया, बाड़मेर में टीचर ने प्रेमिका की हत्या कर दी
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अजमेर/जयपुर।

कभी माँ-बाप संतान की खुशी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते थे। पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे और समर्पण पर टिका माना जाता था। लेकिन वक्त बदल रहा है और रिश्तों पर स्वार्थ, शक और जिस्मानी भूख इस कदर हावी हो चुकी है कि न तो पति-पत्नी का बंधन सुरक्षित है और न ही माँ-बाप का प्यार पवित्र रह गया है। बीते 24 घंटों में राजस्थान से सामने आईं तीन घटनाएँ इस भयावह सच्चाई का आईना बन गईं।

अजमेर के क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र की घटना ने हर संवेदनशील दिल को दहला दिया। 28 वर्षीय अंजली सिंह उर्फ प्रिया, जो मूल रूप से बनारस की रहने वाली है, पति से अलग होकर अपनी तीन साल की बेटी काव्या सिंह के साथ अजमेर आ गई थी। यहाँ वह एक होटल में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी और उसी होटल के कर्मचारी अल्केश गुप्ता के साथ लिव-इन में रह रही थी। पुलिस के अनुसार, अल्केश बच्ची को लेकर अक्सर ताने मारता था। इन तानों से परेशान होकर अंजली ने खौफनाक कदम उठाया। मंगलवार रात वह मासूम को आनासागर झील की चौपाटी पर घुमाने ले गई और झील में धक्का दे दिया। बच्ची वहीं डूब गई और उसकी मौत हो गई।

डीएसपी रुद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि महिला ने पहले बच्ची के अचानक गुम हो जाने की कहानी गढ़ी, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। इस वारदात ने माँ जैसे पवित्र रिश्ते पर ही प्रश्नचिह्न लगा दिया है



इधर उदयपुर के घंटाघर थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर देर रात खौफनाक घटना हुई। नाथद्वारा निवासी रवि सोनी युवती के घर में जबरन घुस गया। उसने युवती को बाथरूम में ले जाकर पहले गला दबाया, जिससे वह कुछ देर के लिए बेसुध हो गई।



जैसे ही उसे होश आया, आरोपी ने चाकू से उस पर वार कर दिया। इसके बाद उसने खुद को भी चाकू से घायल कर लिया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुँचे और दोनों को गंभीर हालत में एमबी हॉस्पिटल पहुँचाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में दोनों का इलाज जारी है।

वहीं बाड़मेर जिले के शिवाजी नगर से भी रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई। यहाँ एक सरकारी शिक्षक मानाराम ने अपनी प्रेमिका मुकेश कुमारी की लोहे की रॉड से हत्या कर दी। मुकेश झुंझुनू में आंगनबाड़ी सुपरवाइज़र थीं और करीब दस साल से पति से अलग रह रही थीं। अगस्त 2024 में अखबार में छपे वैवाहिक विज्ञापन के जरिए उनकी जान-पहचान मानाराम से हुई थी।



धीरे-धीरे दोनों में प्रेम संबंध बने और वह कई बार उससे मिलने बाड़मेर आती रही। घटना के दिन वह कार से 600 किलोमीटर चलकर बाड़मेर पहुँची थी और शादी की जिद कर रही थी। इसी बात पर दोनों में विवाद हुआ और मानाराम ने हत्या कर दी। महिला का शव कार में मिला और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

तीनों घटनाएँ महज़ आपराधिक मामले नहीं हैं, बल्कि समाज में रिश्तों की बदलती परिभाषा और बिगड़ते हालात की गवाही भी हैं। एक तरफ माँ अपनी संतान की जान लेती है, दूसरी तरफ शिक्षक प्रेमिका का कत्ल करता है और तीसरी ओर प्रेमी शक और जुनून में खून-खराबा कर देता है। रिश्तों में त्याग और सहनशीलता की जगह अब अविश्वास, स्वार्थ और हवस ने ले ली है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की जड़ में असुरक्षित रिश्ते और असंतुलित मानसिकता छिपी होती है। लिव-इन संबंधों में तालमेल न होने पर बच्चे सबसे बड़े शिकार बनते हैं। वहीं, प्रेम संबंधों में असफलता और अविश्वास हत्या जैसी वारदातों को जन्म देते हैं।

अजमेर की मासूम काव्या हो, उदयपुर की घायल युवती हो या बाड़मेर की मृत मुकेश कुमारी—ये सभी अपनी गलती के कारण नहीं, बल्कि अपनों की स्वार्थ और मानसिक विकृति का शिकार बनीं। सवाल यही है कि जब माँ-बाप और शिक्षक जैसे पवित्र रिश्तों का भरोसा भी टूट जाए, तो इंसानियत किस सहारे बचेगी?

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