मालाणी डेयरी समूह पर IT की कार्रवाई जारी, 5 करोड़ का सोना और भारी नकदी बरामद

जोधपुर। मालाणी डेयरी समूह पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग की छापेमारी तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। उत्तर प्रदेश से आई आयकर विभाग की टीम को अब तक की जांच में करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य का 3.5 किलो सोना और 35 लाख रुपए नकद मिले हैं। विभाग अब इस सोने की खरीद के बिल और नकदी के पुख्ता स्रोतों की जांच कर रहा है।
डिजिटल सबूतों और कच्चे हिसाब पर फोकस
आयकर अधिकारियों की टीम अब 'इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस' पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। व्यवसायी घनश्याम सोनी के ठिकानों से मिले कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि टैक्स चोरी के लिए 'कच्ची पर्चियों' का हिसाब डिजिटल डिवाइस में कोड वर्ड या गुप्त फोल्डर्स में रखा गया होगा। एक्सपर्ट्स डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटे हैं।
5 ठिकानों पर 15 जनवरी से चल रही रेड
मालाणी ग्रुप के मालिक घनश्याम सोनी और उनसे जुड़ी फर्मों के शास्त्री नगर, मंडोर मंडी, बोरानाडा, न्यू पावर हाउस रोड और भीतरी शहर स्थित 5 प्रमुख ठिकानों पर 15 जनवरी से रेड शुरू हुई थी। पिछले तीन दिनों से ये ठिकाने पुलिस छावनी बने हुए हैं और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश या अंदर से बाहर जाने पर पाबंदी है।
500 करोड़ का टर्नओवर और बोगस बिलिंग की आशंका
मालाणी डेयरी प्राइवेट लिमिटेड जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान में घी व अन्य डेयरी उत्पादों का प्रमुख थोक विक्रेता है, जिसका सालाना टर्नओवर 500 करोड़ रुपए से अधिक बताया जाता है। विभाग की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कानपुर और देश के अन्य राज्यों में की गई बटर सप्लाई में कितनी बोगस बिलिंग की गई है। फिलहाल सोनी परिवार के बैंक खातों और लॉकर्स की भी पड़ताल जारी है।
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