ड्रग फैक्ट्री मामला: SP की बड़ी कार्रवाई, चौकी प्रभारी और बीट सिपाही निलंबित

चित्तौड़गढ़/भीलवाड़ा (हलचल)। कोतवाली थाना क्षेत्र के सुरजना गांव में नारकोटिक्स विभाग द्वारा पकड़ी गई अवैध ड्रग फैक्ट्री के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने इस मामले में स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही मानते हुए दुर्ग चौकी प्रभारी और एक बीट सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
लापरवाही पर गिरी गाज
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि सुरजना गांव में लंबे समय से चल रही इस अवैध गतिविधि की जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं होना गंभीर चूक है। इस मामले में:
हिम्मत सिंह (ASI): दुर्ग चौकी प्रभारी।
रणजीत पुरी: बीट सिपाही (जो पिछले 8 वर्षों से इसी क्षेत्र में तैनात था)।
इन दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर SP ने दोनों को निलंबित करने के आदेश जारी किए। विभाग अब इस मामले में उनकी संदिग्ध भूमिका की भी जांच कर रहा है कि कहीं उनकी मिलीभगत तो नहीं थी।
6 महीने से चल रहा था खेल, इंदौर से आता था माल
नारकोटिक्स विभाग की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विभाग के अनुसार:
यह फैक्ट्री पिछले 6 माह से संचालित की जा रही थी।
इसका मास्टरमाइंड मध्य प्रदेश के मंदसौर का निवासी है, जो फिलहाल फरार है।
ड्रग बनाने के लिए कच्चा माल इंदौर से लाया जाता था।
दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश जारी
नारकोटिक्स विभाग ने मौके से मंदसौर निवासी सोनू सिंह उर्फ अकबर और बाड़े के मालिक सुरजना निवासी मांगीलाल धाकड़ को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य आरोपी को भी नामजद किया गया है जिसकी तलाश में टीमें भेजी गई हैं।
यह कार्रवाई जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि 8 साल से एक ही क्षेत्र में तैनात सिपाही और चौकी प्रभारी को अपने इलाके में चल रही इतनी बड़ी फैक्ट्री की भनक तक नहीं लगी।
