2000 गाड़ियों के काफिले के साथ जयपुर निकले हनुमान बेनीवाल, प्रशासन के फूले हाथ-पांव; बीच सड़क जमकर बरसे सांसद

नागौर/जयपुर। राजस्थान की राजनीति के 'पावर हाउस' कहे जाने वाले नागौर सांसद और RLP संयोजक हनुमान बेनीवाल एक बार फिर सड़कों पर उतरे हैं। किसानों की मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल गया है। मंगलवार को बेनीवाल 2000 गाड़ियों के विशाल काफिले के साथ जयपुर की ओर कूच कर गए। इस दौरान हाईवे पर भारी पुलिस जाब्ता और बेरिकेडिंग के बीच प्रशासन के साथ लुका-छिपी का खेल चलता रहा।
हाईवे जाम करने निकले थे, मुड़ गया काफिला
सांसद बेनीवाल रियांबड़ी में पिछले 8 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे थे। प्रशासन को शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम देने के बाद जब सुनवाई नहीं हुई, तो वे हजारों समर्थकों के साथ NH-59 नागौर-अजमेर हाईवे की ओर निकल पड़े। पादुकलां में भारी पुलिस बल और बेरिकेडिंग को देखते हुए बेनीवाल ने अपनी रणनीति बदली और काफिला सीधे जयपुर की ओर मोड़ दिया।
देर रात होटल में हुई 'हाई-प्रोफाइल' वार्ता
काफिला रात करीब 9:30 बजे नागौर की सीमा पर स्थित बाड़ी घाटी टोल पर रुका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अजमेर रेंज IG राजेंद्र सिंह, नागौर कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और SP मृदुल कच्छावा को मौके पर पहुंचना पड़ा। देर रात करीब 11:30 बजे अधिकारियों और बेनीवाल के बीच एक पास के होटल में वार्ता हुई।
जनता पर तंज: "पिछली बार आपने RLP का इलाज कर दिया"
भाषण के दौरान बेनीवाल का दर्द भी छलका और उन्होंने जनता को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा—
"बजरी माफिया का तो मैंने इलाज कर दिया, लेकिन जनता ने पिछली बार RLP का इलाज कर दिया। अगर आज मेरे पास 10 विधायक होते, तो CM भजनलाल या राज्यपाल के अभिभाषण की हिम्मत नहीं होती। मैं उस अभिभाषण को फाड़कर फेंक देता, जैसा पहले 11 बार कर चुका हूँ।"
अधिकारियों पर कसा तंज और युवाओं को हिदायत
सांसद ने अधिकारियों पर हमला बोलते हुए कहा कि कलेक्टर और अधिकारी कमरों में छिप रहे हैं। वहीं, रैली में युवाओं को सख्त हिदायत दी कि कोई भी उनके काफिले से आगे निकलने की कोशिश न करे। अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने बुजुर्गों को पीछे और युवाओं को आगे चलने का निर्देश दिया।
बड़ी अपडेट: फिलहाल जयपुर कूच और प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद नागौर-अजमेर सीमा पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
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