शहीद के गांव बिग्गा बास रामसरा में स्थापित होगा वायुसेना का 'मिग-21' फाइटर जेट

शहीद के गांव बिग्गा बास रामसरा में स्थापित होगा वायुसेना का मिग-21 फाइटर जेट
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बीकानेर | भारतीय वायुसेना का गौरव और आसमान का 'बाज़' कहा जाने वाला मिग-21 लड़ाकू विमान अब बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की शान बनेगा। वायुसेना में 62 वर्षों की शानदार सेवा के बाद रिटायर हुए इस विमान को प्रदर्शन के लिए शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी के पैतृक गांव बिग्गा बास रामसरा में स्थापित किया जा रहा है।

राजकीय विद्यालय के मैदान में होगी स्थापना

मिग-21 विमान को बिग्गा बास रामसरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मैदान में प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को भारतीय सेना के साहस, शौर्य और बलिदान से परिचित कराना और उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना है।

चार ट्रकों के काफिले में पहुंचेगा विमान

कैप्टन चंद्र चौधरी के भाई सीताराम सियाग ने जानकारी दी कि मिग-21 सोमवार को बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन से श्रीडूंगरगढ़ पहुंचेगा। सेना के चार ट्रकों के काफिले के साथ आ रहे इस विमान का रास्ते में जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाएगा। श्रीडूंगरगढ़ के मुख्य बाजार स्थित गोल मार्केट में स्थानीय युवाओं द्वारा विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसके बाद इसे रीड़ी गांव होते हुए बिग्गा बास रामसरा ले जाया जाएगा।

दो दिन में होगा 'असेम्बल'

विमान के पुर्जों को फिर से जोड़ने और इसे पूरी तरह स्थापित करने का कार्य मंगलवार से शुरू होगा। विशेषज्ञों की टीम को इसे पुनः व्यवस्थित (असेम्बल) करने में लगभग दो दिन का समय लगेगा।

बीकानेर में पांचवां फाइटर प्लेन

बिग्गा बास रामसरा में स्थापित होने वाला यह बीकानेर जिले का पांचवां फाइटर प्लेन और तीसरा मिग-21 होगा। इससे पूर्व:

म्यूजियम सर्किल पर कैप्टन चंद्र चौधरी की प्रतिमा के पास एसटीपी 32 फाइटर जेट स्थापित है।

नाल एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर दो मिग-21 विमान पहले से ही शोभा बढ़ा रहे हैं।

बीकानेर के इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भी एक फाइटर प्लेन लगाया गया है।

62 साल की सेवा के बाद नाल से विदाई

भारतीय वायुसेना ने 26 सितंबर 2025 को चंडीगढ़ एयरबेस पर आयोजित एक समारोह में मिग-21 को आधिकारिक रूप से रिटायर किया था। गौरतलब है कि बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन से ही इस विमान को साठ साल की सेवा के बाद विदाई दी गई थी और सभी रिटायर्ड मिग यहीं लाए गए थे। अब बिना इंजन वाले इन निष्क्रिय विमानों को सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किया जा रहा है।

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