नेपाल में मारवाड़ी सेवा परिषद के भवन पर हमला: आक्रोशित युवाओं ने लगाई आग, करोड़ों का नुकसान

नेपाल में मारवाड़ी सेवा परिषद के भवन पर हमला: आक्रोशित युवाओं ने लगाई आग, करोड़ों का नुकसान
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काठमांडू, : नेपाल की राजधानी काठमांडू में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के दौरान आक्रोशित युवाओं ने राजस्थान के झुंझुनूं, सीकर, चूरू समेत पूरे मारवाड़ क्षेत्र के निवासियों के सहयोग से बनाए जा रहे मारवाड़ी सेवा परिषद के भव्य भवन को आग के हवाले कर दिया। यह घटना मंगलवार को हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने निर्माणाधीन भवन पर हमला बोला। लगभग 60 करोड़ नेपाली रुपए (करीब 37 करोड़ भारतीय रुपए) की लागत से बनाया जा रहा यह 18 मंजिल का भवन पशुपतिनाथ मंदिर के निकट बत्तीस पुत्तली क्षेत्र में स्थित है। इसमें से 12 मंजिलें पूरी हो चुकी थीं, और नीचे का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा था। आग लगने से भवन को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसकी अनुमानित क्षति करोड़ों में बताई जा रही है।

झुंझुनूं निवासी राजेंद्र केडिया और अन्य मारवाड़ी समुदाय के प्रतिनिधियों ने बताया कि नेपाल में रहने वाले मारवाड़ी कारोबारी न केवल अपना व्यवसाय चला रहे हैं, बल्कि सामाजिक सेवा के कार्यों में भी सक्रिय हैं। इसी उद्देश्य से मारवाड़ी सेवा परिषद का यह भवन बनाया जा रहा था, जो सामुदायिक सेवाओं के लिए समर्पित होता। लेकिन नेपाल में चल रहे 'जनरेशन जेड' (Gen Z) प्रदर्शनों के दौरान, जो मुख्य रूप से विदेशी प्रभाव, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता के खिलाफ हैं, प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए। इन प्रदर्शनों में आक्रोशित युवाओं ने भारतीय मूल के व्यवसायों और संस्थानों को निशाना बनाया, जिसमें मारवाड़ी समुदाय के कई प्रतिष्ठान शामिल हैं।

अस्पताल, गोशाला और अन्य सुविधाओं को नष्ट किया

सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि आग ने न केवल निर्माणाधीन भवन को प्रभावित किया, बल्कि परिसर में स्थित अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं को भी पूरी तरह तबाह कर दिया:

अस्पताल: पशुपतिनाथ मंदिर के सामने मारवाड़ी समुदाय द्वारा बनवाया गया अस्पताल, जहां डायलिसिस की कई मशीनें लगी हुई थीं। यहां हर दिन औसतन 70 मरीजों की निशुल्क डायलिसिस की जाती थी। इसका सबसे अधिक लाभ नेपाल के मूल निवासियों को मिलता था। इसके अलावा, यहां निशुल्क कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक्स) लगाने की सुविधा भी उपलब्ध थी। प्रदर्शनकारियों ने इसे भी जलाकर नष्ट कर दिया।

गोशाला: परिसर में स्थित गोशाला को भी भारी नुकसान पहुंचा। वहां रखे गए पशुओं और सामग्री को निशाना बनाया गया।

गेस्ट हाउस और वाहन: गेस्ट हाउस को आग लगाई गई, साथ ही परिसर में खड़े वाहनों को भी जला दिया गया।

केडिया ने बताया, "यह हमला न केवल संपत्ति पर, बल्कि मानवता की सेवा पर भी है। अस्पताल से हजारों नेपाली लाभान्वित हो रहे थे, लेकिन अब सब कुछ राख हो गया।"

अन्य प्रभावित प्रतिष्ठान

इस हिंसा का शिकार केवल मारवाड़ी सेवा परिषद ही नहीं हुआ। झुंझुनूं, सीकर और चूरू के कारोबारियों के कई होटल, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी आग की चपेट में आ गए। पूरे काठमांडू में भारतीय मूल के व्यवसायों पर हमले की खबरें आ रही हैं, जिससे वहां रहने वाले भारतीय समुदाय में दहशत फैल गई है।

भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया

घटना के बाद भारतीय दूतावास ने तत्काल कदम उठाए। फंसे हुए भारतीयों को भोजन उपलब्ध कराया गया और जल्द ही वतन वापसी का भरोसा दिलाया गया। दूतावास ने नेपाल सरकार से सुरक्षा की मांग की है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

नेपाल में प्रदर्शनों का संदर्भ

नेपाल में पिछले कुछ दिनों से युवा वर्ग के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिन्हें #NepalGenZProtest के नाम से जाना जा रहा है। ये प्रदर्शन बेरोजगारी, विदेशी हस्तक्षेप (विशेष रूप से भारत और चीन के) और आर्थिक नीतियों के खिलाफ हैं। हिंसा बढ़ने से कई व्यवसाय प्रभावित हुए हैं, और भारतीय समुदाय विशेष रूप से निशाने पर आ रहा है।

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