महंत पारसनाथ महाराज का शव टांके में मिला, क्षेत्र में शोक की लहर

बाड़मेर। बाड़मेर जिले के झाक गांव स्थित ऐतिहासिक मठ से गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। मठ के प्रतिष्ठित मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज (57) का शव मठ परिसर में बने पानी के टांके (कुंड) में उतराता हुआ मिला। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ पहुंचने लगे।
तड़के 5 बजे चला घटना का पता
जानकारी के अनुसार, घटना का खुलासा गुरुवार तड़के करीब 5 बजे हुआ जब मठ के सेवादार रोजमर्रा के कार्यों के लिए टांके से पानी निकालने पहुंचे। वहां महंत का शव देख उनके होश उड़ गए। विशेष बात यह रही कि महंत के जूते टांके के बाहर बेहद व्यवस्थित तरीके से रखे हुए मिले, जो किसी अनहोनी या स्वेच्छा से उठाए गए कदम की ओर संकेत कर रहे हैं।
पुलिस और एफएसएल की जांच शुरू
मामले की सूचना मिलते ही बाटाडू चौकी और नागाणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। साक्ष्य जुटाने के लिए FSL और MOB की टीमों को बुलाया गया है। एसपी मीणा ने बताया कि महंत पिछले कुछ समय से मानसिक अस्वस्थता से जूझ रहे थे और उनका उपचार चल रहा था। शुरुआती आकलन में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि हत्या या अन्य किसी साजिश के पहलू पर भी गहनता से जांच की जा रही है।
तीन दशकों की सेवा का अंत
महंत पारसनाथ महाराज पिछले 30 वर्षों से झाक मठ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्हें क्षेत्र में एक प्रखर धार्मिक गुरु और समाज सुधारक के रूप में सम्मान प्राप्त था। उनके आकस्मिक निधन से बाटाडू और आसपास के दर्जनों गांवों में शोक की लहर छा गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
