सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छोटीसादड़ी को उपजिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने के लिए विधायक कृपलानी ने विधानसभा में किया ध्यानाकर्षण

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छोटीसादड़ी को उपजिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने के लिए विधायक कृपलानी ने विधानसभा में किया ध्यानाकर्षण

निम्बाहेड़ा। राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियमों के नियम 295 के अंतर्गत विशेष उल्लेख प्रस्ताव पर बोलते हुए पूर्व यूडीएच मंत्री एवं विधायक चंद कृपलानी ने गुरुवार को विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छोटीसादड़ी को उप जिला चिकित्सालय 100 बेडड में क्रमोन्नत करने की ओर ध्यान आकर्षित किया।

16 वी विधानसभा के द्वितीय सत्र के बजट सत्र के दौरान सरकार का ध्यानाकर्षण करते हुए विधायक कृपलानी ने कहा कि वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छोटीसादड़ी पर 4 चिकित्सा अधिकारी अपनी सेवाये दे रहे है, जिसमें सर्जन, एनेस्थीसिया, शिशुरोग, हड्डी रोग के पद रिक्त है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छोटीसादड़ी का प्रतिदिन का ओपीडी भार 400-450 मरीज प्रतिदिन का है तथा ट्राईबल एरीया होने से प्रतिमाह लगभग 100-120 प्रसव प्रतिमाह होते है, जिनमें कुछ जटिल प्रसव की स्थिती में मरीजों को सर्जन एवं एनेस्थीसिया चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पद होने से अन्यत्र उच्च चिकित्सा संस्थान को रेफर करना पडता है।

विधायक कृपलानी ने कहा कि नेशनल हाइवे शहरी क्षेत्र के पास से गुजरने के कारण 24X7 आपातकालीन चिकित्सकीय सेवायें भी इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुचारू रूप से संचालित है, लेकिन गम्भीर मरीजो को हड्डी रोग व अन्य चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पद होने से अन्यत्र उच्च चिकित्सा संस्था को रैफर करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छोटीसादड़ी में प्रति बुधवार को निःशुल्क गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जाती है तथा यहां स्टेटिक सेन्टर होने के कारण नसबन्दी केम्प का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें आप-पास के 30 किलोमीटर के मरीजों को केम्प के माध्यम से लाभान्वित किया जाता है।

विधायक कृपलानी ने उपरोक्त बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए सदन के माध्यम से सरकार से आग्रह किया कि आमजन को बेहतर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध करवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छोटीसादड़ी को उप जिला चिकित्सालय 100 बेडेड में क्रमोन्नत किया जाना अत्यन्त आवश्यक है।

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