अटल भू-जल योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम का आयोजन

अटल भू-जल योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम का आयोजन
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चितौड़गढ़, । कार्यालय उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा के सभागार परिसर, चितौड़गढ़ में सिंचाई प्रबन्धन एवं प्रशिक्षण संस्थान कोटा (आई.एम.टी.आई. कोटा) एवं जिला कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई चितौड़गढ़ (डी.पी.एम.यू. चितौड़गढ़ ) के तत्वधान में

बुधवार को अटल भू-जल योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम कि विस्तृत रूपरेखा एवं संचालन अम्बालाल मीणा, उपनिदेशक सिंचाई प्रबन्धन एवं प्रशिक्षण संस्थान कोटा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भू जल विभाग, चित्तौड़गढ से कुणाल लिग्री सहायक नोडल अधिकारी, एवं गोपाल मेघवाल तकनीकी सहायक (भू-जल) अटल भू जल योजना चित्तौड़गढ, लोकेश कंठालिया सहायक अभियंता जल ग्रहण एवं भू संरक्षण विभाग चित्तौड़गढ़, दीपक गौतम अत्तिरिक्त निदेशक सिंचाई प्रबन्धन एवं प्रशिक्षण संस्थान कोटा, अकरम मोहम्मद कृषि विभाग चित्तौड़गढ, देवीलाल वैष्णव अत्तिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (शिक्षा विभाग) चित्तौड़गढ सहयोगी विभाग के अधिकारियों एवं चितौड़गढ़ पंचायत समिति की 40 ग्राम पंचायतो के ग्राम विकास अधिकारियों व प्रगतिशील किसानो ने उक्त प्रशिक्षण मे भाग लिया।

कुणाल लिग्री सहायक नोडल अधिकारी, अटल भू जल योजना द्वारा प्रशिक्षण में अटल भू-जल योजना अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में बनाये गये पूर्व के वाटर सिक्यूरिटी प्लान व वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न विभागों द्वारा ग्राम पंचायतों में कराये जा रहे भू जल संरक्षण एंव संवर्धन के कार्यो का प्रस्तुतिकरण किया गया। सहायक नोडल अधिकारी द्वारा अटल भूजल योजना की जानकारी देते हुए योजना के मूल उद्देश्यों - जन सहभागिता से जल प्रबंधन को मजबूत करना वाटर रिचार्ज एवं गिरते हुए जल स्तर को रोकने पर चर्चा की गई एवं गोपाल मेघवाल तकनीकी सहायक (भू-जल), भू जल विभाग चित्तौड़गढ, द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर जनसहभागिता के साथ ये योजना कितनी सार्थक एवं आवश्यक है इस पर एक दूसरे के विचार विमर्श किये जाने तथा आपसी समन्वय से किस प्रकार गिरते जल स्तर को रोका जावें इस पर विस्तृत चर्चा की गई साथ ही सहभागी विभागो के अधिकारियों से आग्रह किया की अधिक से अधिक जल संरक्षण के कार्या को जनसहभागिता से किया जाये तथा योजनान्तर्गत प्रोत्साहन राशि के घटकों पर विस्तृत चर्चा कर जानकारी दी गई।

अम्बालाल उपनिदेशक सिंचाई प्रबन्धन एवं प्रशिक्षण संस्थान कोटा द्वारा योजना के मूल उद्देश्य प्राप्ति हेतु सभी प्रतिभागियों से विस्तृत चर्चा कर वर्षा जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई तथा कार्यक्रम के विषय विशेषज्ञ के रूप में अकरम मोहम्मद कृषि विभाग चित्तौड़गढए द्वारा अपने विभाग की कार्ययोजनाओं के विषय में विस्तुत जानकारी दी एवं किस प्रकार से जल संरक्षण के विभागीय कार्यो का अटल भूजल योजना में समावेश किया जा सके उस पर चर्चा की गई।

उक्त प्रशिक्षण में भू-जल विभाग चितौड़गढ़ के पवन कुमार राजपुत अत्तिरिक्त प्रशासनिक अधिकरी, मुकेश गुर्जर, (वरिष्ठ सहायक) श्री हरि शंकर शर्मा आई.ई.सी. एक्सपर्ट, दिपेश मोहन शर्मा एग्रिकल्चर एक्सपर्ट, एव सुनिल कुमार प्रजापत, प्रमोद उपाध्याय मल्टी टांस्किग स्टाफ आदि ने प्रशिक्षण के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया।

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