बीस वर्षों की पीड़ा का हुआ अंत – केसरबाई को मिला न्याय

चित्तौड़गढ़,। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल शिविर के अंतर्गत. शुक्रवार को ग्राम पंचायत सहनवा में आयोजित बहुविभागीय सेवा शिविर में केसरबाई पत्नी किशन गुर्जर ने अपनी परिव्यक्ता पेंशन से संबंधित समस्या को लेकर अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होकर गुहार लगाई।
केसरबाई ने बताया कि विगत 20 वर्षों से वह अपने ससुराल में बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उनके पति विवाह के कुछ वर्षों बाद उन्हें छोड़कर चले गए और तब से ही वह पालनहार योजना व सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सहारे कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं।
जनवरी 2025 से वह पेंशन के सत्यापन हेतु लगातार प्रयासरत थीं, लेकिन परिव्यक्ता प्रमाण पत्र की अनुपलब्धता के कारण उनका सत्यापन नहीं हो पा रहा था।
शिविर के दौरान अधिकारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और मौके पर ही परिव्यक्ता प्रमाण पत्र जारी कर पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें राहत प्रदान की।
यह सफलता न केवल प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि शासन की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।
