मलेरिया एवं मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान 01 अप्रैल से

चित्तौड़गढ़ । जिले में मच्छर जनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 अप्रैल से 14 मई तक मलेरिया क्रैश कार्यक्रम का प्रथम चरण संचालित किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचन्द गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के तहत सभी चिकित्सा संस्थानों को मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम हेतु आवश्यक गतिविधियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हाई रिस्क क्षेत्रों एवं संभावित पॉजिटिव केस वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखते हुए पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर टीमों द्वारा कार्यवाही की जाएगी।

कार्यक्रम के अंतर्गत घर-घर सर्वे कर बुखार के मरीजों की पहचान, रक्त जांच, पॉजिटिव पाए जाने पर त्वरित उपचार एवं मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर लार्वा रोधी गतिविधियों को तेज किया जाएगा। साथ ही चिकित्सा संस्थानों पर दवाइयों एवं रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा आईईसी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाएगा।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. पुनीत कुमार तिवारी ने बताया कि सर्वे दलों को आईईसी अवेयरनेस, सोर्स रिडक्शन एवं एंटी लार्वा गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। खाली प्लॉट, गड्ढों एवं नालियों में साप्ताहिक रूप से टेमीफोस डालकर लार्वा नष्ट करने की कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मच्छरों के लार्वा की पहचान के बाद हाउस इंडेक्स एवं ब्रेट्यू इंडेक्स का नियमित मॉनिटरिंग किया जाएगा तथा मलेरिया रोगियों का उपचार भारत सरकार की नेशनल ड्रग पॉलिसी-2013 के अनुसार किया जाएगा।

सीएमएचओ ने आमजन से अपील की है कि प्रत्येक रविवार को घरों की सफाई कर ‘ड्राई डे’ मनाएं तथा पानी के सभी संग्रहण स्थलों जैसे टंकी, कूलर, गमले, परिंडे एवं अन्य कंटेनरों को सप्ताह में एक बार खाली कर साफ एवं सुखाकर ही पुनः उपयोग में लें।

उन्होंने कहा कि घर एवं कार्यस्थलों के आसपास पानी जमा न होने दें तथा किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा संस्थान में जाकर जांच एवं उपचार करवाएं।

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