वायरल वीडियो मामले में उच्च स्तरीय कमेटी ने की जांच,जिला शिक्षा अधिकारी ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट, ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
चित्तौड़गढ़ (राजेश जोशी)। जिले के गंगरार क्षेत्र में सरकारी स्कूल के संस्था प्रधान और शिक्षिका के अश्लील वीडियो वायरल मामले में विभाग ने जिला स्तर पर हुई कार्रवाई को कम मानते हुए कुछ स्तरीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी सदस्यों ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सालेरा में पहुंचकर जांच की ग्रामीणों के बयान दर्ज किये है।
शनिवार को सालेरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित संस्था प्रधान एवं शिक्षक संघ राष्ट्रीय के पूर्व प्रदेश महासचिव और वर्तमान में संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद व्यास का एक शिक्षिका के साथ अश्लील हरकत करते हुए वीडियो वायरल हुआ था इसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षिका एवं संस्था प्रधान अरविंद व्यास को निलंबित करते हुए बेगू एवं राशमी मुख्यालय भेज दिया था। लेकिन इस कार्रवाई को अपर्याप्त मानते हुए पंचायती राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर उदयपुर स्कूल शिक्षा संयुक्त निदेशक रंजना कोठारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया जिसने विद्यालय में पहुंचकर मामले में ग्रामीणों आरोपित शिक्षक नेता एवं शिक्षिका के साथ कई लोगों का बयान दर्ज किये और प्रारंभिक रूप से जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक की ओर से गंगरार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है जिस पर अनुसंधान किया जा रहा है।
कमेटी के अध्यक्ष संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा उदयपुर रंजना कोठारी ने बताया कि यह शर्मनाक प्रकरण है और इस विभाग की छवि खराब हुई है इसे लेकर जांच की गई है और इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा करने की बात कही गई है। वही ग्रामीणों ने कहा कि इस मामले में आरोपित शिक्षक के राजनीति से जुड़े होने के कारण कार्यवाही नहीं की जा रही है। विभाग के अधिकारी भ्रमित करने की कार्यवाही में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों की ओर से इस पूरे मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करते हुए सेवा परिलाभ रोकने की मांग की गई है। वही इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने की पुष्टि गंगरार थाना अधिकारी डीपी दाधीच की है उन्होंने बताया कि प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह पूरा मामला जिले सहित पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है जिससे शिक्षा विभाग की छवि खराब हो रही है।
