19वां राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस समारोह आयोजित

चित्तौड़गढ़,। जिले में 19वां राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस समारोह रविवार को आयोजित किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 75वें वर्ष की उपलब्धियों पर केन्द्रित रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक राजेन्द्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि "सांख्यिकीय आंकड़े यदि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय हों, तो ये नीतियों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं।" उन्होंने नीति-निर्माण में आंकड़ों की उपयोगिता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं उप निदेशक शबनम खोरवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए "पंच गौरव कार्यक्रम" की जानकारी साझा की और सांख्यिकी विभाग की नवीन पहलों पर प्रकाश डाला।
सांख्यिकी अधिकारी राजेन्द्र खटीक ने चिकित्सा क्षेत्र में सांख्यिकी की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। सहायक सांख्यिकी अधिकारी महेन्द्र कुमार कुमावत ने सांख्यिकी के जनक प्रशांत चंद्र महालनोबिस के जीवन और योगदान पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन सहायक सांख्यिकी अधिकारी ललित कुमार मीणा ने किया। उन्होंने सांख्यिकी की उपयोगिता एवं महालनोबिस जी की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सांख्यिकी, सुशासन की रीढ़ है।
इस अवसर पर बी.एल. मेनारिया, बी.एल. शर्मा, बी.एस.ओ. शुभम गुप्ता, उर्मिला शर्मा सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में जिले की प्रगति को दर्शाने वाले "चित्तौड़गढ़: एक दृष्टि में – फोल्डर 2025" का लोकार्पण भी अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला स्तरीय पी.सी. महालनोबिस पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें शुभम गुप्ता, राकेश चौधरी, चन्द्रशेखर शर्मा, निधि राठी एवं प्रभु सिंह को सम्मानित किया गया।
