राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत जिला स्तरीय सेमीनार का आयोजन

चित्तौड़गढ़ । राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय सेमीनार का आयोजन 21 एवं 22 जनवरी को “उद्यानिकी फसलों की उन्नत कृषि विधियां, फल उत्पादन एवं संरक्षित खेती की आधुनिक तकनीक” विषय पर सीताफल उत्कृष्टता केंद्र, निंबाहेड़ा रोड, चित्तौड़गढ़ में किया गया।
सेमीनार में कृषकों के पंजीयन उपरांत सहायक निदेशक उद्यान जोगेन्द्र सिंह राणावत ने सेमीनार की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी तथा उपस्थित कृषकों एवं विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
सेमीनार में संयुक्त निदेशक उद्यान खंड-भीलवाड़ा महेश चेजारा ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ लेने हेतु कृषकों से अपील की। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) दिनेश कुमार जागा ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
कृषि विज्ञान केंद्र, चित्तौड़गढ़ के प्रोफेसर डॉ. रतनलाल सोलंकी ने उद्यानिकी फसलों में समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। सीताफल उत्कृष्टता केंद्र के उपनिदेशक (अनुदान) रमेश आमेटा ने लहसुन, प्याज की आधुनिक कृषि विधियां, रखरखाव एवं फूलों की खेती के बारे में जानकारी दी।
उपनिदेशक आईपीएम ओम प्रकाश शर्मा ने उद्यानिकी फसलों में समन्वित कीट एवं रोग प्रबंधन पर प्रकाश डाला। नाबार्ड के प्रबंधक महेन्द्र सिंह डूडी ने नाबार्ड की कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी दी। कृषि अधिकारी (फसल) डॉ. शिवांगी जोशी ने उद्यानिकी फसलों एवं फलदार पौधों में कीट प्रबंधन के विषय में जानकारी दी।
कृषि अधिकारी उद्यान डॉ. विमल सिंह राजपूत ने प्रधानमंत्री कृषि सूक्ष्म सिंचाई योजना सहित कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी श्री दिनेश कुमार चौधरी ने मिट्टी परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता पर जानकारी दी।
प्रगतिशील कृषक एवं मधुमक्खी पालक मोहनलाल खटीक ने मधुमक्खी पालन की सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी साझा की।
सेमीनार में सहायक लेखाधिकारी उद्यान भवानी सिंह चुण्डावत, अनिल कुमार भावरिया, रमेश चन्द्र रेगर, दुर्गेश कुमार रेगर, सुनील कुमार धाकड़, अजीत कुमार यादव (कृषि पर्यवेक्षक), भीम सिंह पंवार (कनिष्ठ सहायक) सहित लगभग 120 कृषकों ने भाग लिया। सेमीनार का मंच संचालन कृषि अधिकारी उद्यान जसवंत कुमार जाटोलया ने किया।
