एक दिवसीय जिला स्तरीय मधुमक्खी पालन कृषक प्रशिक्षण का आयोजन

चित्तौड़गढ़। जिले में कृषकों की आय संवर्धन एवं वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को सीताफल उत्कृष्टता केन्द्र, निम्बाहेड़ा रोड, चित्तौड़गढ़ में एक दिवसीय जिला स्तरीय मधुमक्खी पालन कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कृषकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषकों के पंजीयन उपरान्त उप निदेशक उद्यान डॉ. शंकर लाल जाट ने प्रशिक्षण के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए मधुमक्खी पालन को कृषकों के लिए एक लाभकारी आजीविका विकल्प बताया।
प्रशिक्षण में संयुक्त निदेशक उद्यान, खण्ड-भीलवाड़ा महेश चन्द्र चेजारा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न उद्यानिकी एवं मधुमक्खी पालन योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हुए कृषकों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण में व्याख्याता के रूप में उप निदेशक उद्यान (अनुसंधान) एवं सीओई रमेश चन्द्र आमेटा ने मधुमक्खियों में लगने वाले कीट-रोग, प्राकृतिक शत्रु एवं उनके प्रभावी प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी दी तथा कृषकों द्वारा बताई गई समस्याओं के समाधान भी सुझाए।
कृषि विज्ञान केन्द्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रतन लाल सोलंकी ने वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन एवं उसके समुचित प्रबंधन पर प्रकाश डाला। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), चित्तौड़गढ़ डॉ. शिवांगी जोशी ने शहद की गुणवत्ता के मापदण्ड, प्रसंस्करण, परिरक्षण, प्रामाणिकता तथा मिलावट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
सहायक निदेशक उद्यान जोगेन्द्र सिंह राणावत एवं कृषि अधिकारी उद्यान डॉ. विमल सिंह राजपूत ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कृषकों से इनका लाभ लेने की अपील की। कृषि अधिकारी सुनील कुमार खोईवाल ने मधुमक्खियों पर कीटनाशी रसायनों के दुष्प्रभावों के प्रति कृषकों को जागरूक किया।
इस अवसर पर कृषक अल्पेश चौबीसा एवं मोहन लाल खटीक ने मधुमक्खी पालन से प्राप्त होने वाले विभिन्न उत्पादों एवं उनके प्रसंस्करण से संबंधित अपने अनुभव साझा किए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक सहित कुल 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन कृषि अधिकारी उद्यान जसवंत कुमार जाटोलिया ने किया।
