सांवलिया सेठ दरबार में चढ़ाई में अनोखी चांदी की भेंट, भक्तों की आस्था का नजारा

चित्तौड़गढ़ । सांवलिया सेठ के दरबार में आस्था और विश्वास का अनोखा संगम देखने को मिला, जब कोटा की भामाशाह अनाज मंडी के तीन प्रमुख व्यापारियों ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान को विशेष चांदी की भेंट अर्पित की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भव्य टोली भी शामिल हुई।
लहसुन व्यापारी रवि मालपानी ने व्यापार में जबरदस्त उन्नति होने पर डेढ़ किलो वजनी चांदी से बना लहसुन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि व्यापार में सफलता का श्रेय पूरी तरह भगवान सांवलिया सेठ को जाता है। यह चांदी का लहसुन असली लहसुन जैसा प्रतीत होता है और इसकी कलाकारी हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही है।
अनाज व्यापारी लोकेश गौतम ने अपनी मन्नत पूरी होने पर करीब 800 ग्राम वजनी चांदी का तराजू-कांटा और बांसुरी भेंट की। उन्होंने बताया कि वे भगवान को अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं और हर फैसले से पहले सांवलिया सेठ की शरण लेते हैं। पिछले तीन सालों से वे कोटा से श्रद्धालुओं का जत्था लेकर मंडफिया धाम आते हैं और पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं।
सोयाबीन व्यापारी पिंटू सुमन ने भी अपने घर का सपना पूरा होने पर 300 ग्राम वजनी चांदी का छोटा मकान अर्पित किया। पिंटू ने बताया कि यह भेंट उनके मेहनत, आस्था और भगवान के प्रति आभार का प्रतीक है।
इस भक्ति यात्रा में करीब 250 श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने दो बसों में मंडफिया के लिए यात्रा की और रास्ते में भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ भगवान का सम्मान किया। यात्रा का उद्देश्य केवल दर्शन नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था और विश्वास को मजबूत करना भी था।
यह अनोखी भेंट और श्रद्धालुओं की भक्ति यात्रा सांवलिया सेठ के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास को उजागर करती है।
