बाल विवाह मुक्त चित्तौड़गढ़ के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें

बाल विवाह मुक्त चित्तौड़गढ़ के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें
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चित्तौड़गढ़, । वर्ष 2026 में चित्तौड़गढ़ जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तथा इस अभियान में स्वैच्छिक संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। यह निर्देश अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम ने दिए।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल विवाह निषेध समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी ग्राम स्तर तक पहुँचाने हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, ताकि जिले में बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त जनआंदोलन खड़ा हो सके।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशन में निर्धारित कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का प्रभावी, नियमित एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल ने विभागीय गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अभियान के अंतर्गत अब तक आयोजित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल, सदस्य ओम प्रकाश लक्षकार, पुलिस निरीक्षक सुनीता गुर्जर, चिकित्सा विभाग से डॉ. राजेन्द्र वर्मा, डॉ. प्रियंका वर्मा, महिला अधिकारिता विभाग से नेहा शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से विकास खटीक, शिक्षा विभाग से लोकेश सोनी, चाइल्ड हेल्पलाइन के नवीन किशोर काकड़दा, करण जीनवाल सहित विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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