अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला स्तरीय समारोह आयोजित

चित्तौड़गढ़ । अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन इन्दिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में सांसद सी.पी. जोशी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला कलक्टर आलोक रंजन, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, उपखण्ड अधिकारी बीनू देवल, प्रधान पंचायत समिति देवेन्द्र कंवर भाटी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, वेदांता की ग्रुप सीएसआर हेड अनुपम निधि, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के बंदेरिया लीड जिंक स्मेल्टर के आईबीयू डायरेक्टर आलोक रंजन, प्रियंका शर्मा, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग विजय कुमार सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपनिदेशक महिला अधिकारिता विभाग राकेश कुमार तंवर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी।
सांसद सी.पी. जोशी ने अपने उद्बोधन की शुरुआत अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाओं के साथ करते हुए कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं को शिक्षा, स्वावलम्बन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सांसद द्वारा पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली निकिता मत्री को सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास कर्मी श्रेणी में ग्राम पंचायत बूढ़ से स्व. ललिता कंवर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कैलाश शर्मा (नेतावलगढ़ पाछली, परियोजना चित्तौड़गढ़ ग्रामीण) तथा आंगनवाड़ी सहायिका धापू पारेता (धावदखुर्द, परियोजना भैंसरोड़गढ़) को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही महिला अधिकारिता विभाग की मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार हेतु वित्तीय सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर बैंक शाखा प्रबंधकों वैभव गुप्ता (बैंक ऑफ बड़ौदा, पहुंना-राशमी), सिद्धार्थ शर्मा (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कलेक्ट्रेट) तथा विक्रम सिंह पुरावत (बैंक ऑफ बड़ौदा, पन्नाधाय मीरा मार्केट, चित्तौड़गढ़) को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिले के प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को माता यशोदा पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर वेदांता समूह की सामाजिक पहल नंद घर के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ जिले में स्थापित 261 नंद घरों को औपचारिक रूप से समुदाय को समर्पित किया गया, जो प्रारंभिक बाल देखभाल, पोषण एवं महिला सशक्तिकरण को गांव स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम साथिन एवं सहायिकाएं जमीनी स्तर पर सेवाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ये कार्यकर्ता माताओं और बच्चों तक पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा की आवश्यक सेवाएं पहुंचाकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्मिकों तथा प्रत्येक ब्लॉक से दो ग्राम साथिनों को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के तहत वन मिनट गेम शो प्रतियोगिता, प्रियांशी बाथरा द्वारा सांस्कृतिक नृत्य, विजन कॉलेज द्वारा बाल विवाह विषय पर नुक्कड़ नाटक तथा आंगनवाड़ी केन्द्र के बच्चों द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा पगारिया द्वारा किया गया। अंत में उपनिदेशक महिला अधिकारिता विभाग द्वारा आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम में विभागीय स्टाफ सहित लगभग 750 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं साथिनें उपस्थित रहीं।
