चैत्र नवरात्रि के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त

चित्तौड़गढ़, । जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर आलोक रंजन ने जिले में आगामी चैत्र नवरात्रि पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार मार्च–अप्रैल 2026 के दौरान मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों, पर्वों एवं जयंतियों के अवसर पर संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेटों को उनके कार्यक्षेत्र में मेला मजिस्ट्रेट तथा संबंधित तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेटों को सहायक मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
जिले में चैत्र नवरात्रि पर्व 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा। इस अवधि में जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मेले, पदयात्राएं तथा धार्मिक आयोजन आयोजित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं पदयात्रियों की आवाजाही रहने की संभावना है। प्रमुख धार्मिक स्थलों में जोगणिया माताजी (बेगूं), असावरा माताजी (भदेसर), मरमी माताजी (राशमी), सगरा माताजी (गंगरार), श्री चावण्डा माताजी (गुलाबपुरा), अम्बा माताजी (निम्बाहेड़ा), बिसन्ती माताजी (कनेरा), एलवा माताजी (डूंगला), वीजासन माताजी (कानरखेड़ा), झांतला माताजी (पांडोली) तथा कालका माताजी (चित्तौड़गढ़ दुर्ग) सहित अन्य स्थान शामिल हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गृह (ग्रुप-5) विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों तथा पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों एवं मेला आयोजनों के संबंध में जारी सुरक्षा एवं प्रबंधन गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहने, संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा अधीनस्थ कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी संभावित अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल प्रभाव से नियंत्रण करते हुए इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) चित्तौड़गढ़ को देने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही नियुक्त पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मेला मजिस्ट्रेट एवं सहायक मेला मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय स्थापित कर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखें।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) चित्तौड़गढ़ को समस्त व्यवस्थाओं का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करेंगे तथा किसी भी प्रकार की घटना की जानकारी हस्ताक्षरकर्ता को उपलब्ध कराएंगे
