फाल्गुन कृष्ण अमावस्या पर श्री निमड़िया भैरव देव मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, माह में दो बार गादी लगाने का निर्णय

फाल्गुन कृष्ण अमावस्या पर श्री निमड़िया भैरव देव मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, माह में दो बार गादी लगाने का निर्णय
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निंबाहेड़ा। पवित्र फाल्गुन कृष्ण अमावस्या के शुभ अवसर पर निंबाहेड़ा स्थित श्री निमड़िया भैरव देव मंदिर में श्री भैरव देव जी की गादी (चौकी) का भव्य एवं दिव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार को प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

श्री भैरव देव, जिन्हें क्षेत्र का जागृत एवं चमत्कारी देवता माना जाता है, उनके दरबार में अमावस्या के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से सैकड़ों की संख्या में भैरव भक्त मंदिर पहुंचे और परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं मंगल की कामना की। श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।

इस अवसर पर पंडित दीपक वैष्णव एवं शंभूनाथ के सान्निध्य में श्री भैरव देव की विधिविधानपूर्वक पूजा-अर्चना एवं महाआरती संपन्न कराई गई। आरती के समय मंदिर प्रांगण में “जय श्री भैरव” के जयकारों की गूंज से वातावरण गुंजायमान हो उठा। दीपों की अलौकिक आभा और घंटानाद के मध्य उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति में लीन दिखाई दिए।

मंदिर समिति के अनुसार इस बार श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व उपस्थिति को देखते हुए सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अब मासिक गादी का आयोजन माह में दो बार किया जाएगा। आगामी गादी फाल्गुन मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु भैरव दरबार में उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें।

मंदिर समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी भैरव भक्तों, पंडितगणों एवं व्यवस्थापकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार श्रद्धा एवं सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया।

भक्ति, विश्वास और परंपरा का यह अनुपम संगम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्र में आध्यात्मिक एकता और सामूहिक सद्भाव का संदेश भी दे गया।

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