कल्याण नगरी में वेद व गौ सेवार्थ भव्य श्रीमद् भागवत कथा की शोभायात्रा कल

कल्याण नगरी में वेद व गौ सेवार्थ भव्य श्रीमद् भागवत कथा की शोभायात्रा कल
X

निंबाहेड़ा मेवाड़ के प्रसिद्धश्रीश्री शेषावतार कल्लाजी ‎‎वेदपीठ एवं शोध संस्थान की ओर‎ से कल्यानगरी निंबाहेड़ा में प्रथम बार वेद एवं‎ गौ सेवार्थ श्रीमद् भागवत कथा ‎‎महोत्सव 27 जनवरी से दो फरवरी ‎‎तक आयोजित होगा। जिसके तहत सोमवार को भव्य एवं विशाल शोभायात्रा के साथ ही सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा आरंभ होगी। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षक उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल श्री भस्म रमैया भक्त मंडल होंगे। वेदपीठ के ‎पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार को प्रातः नौ बजे कल्लाजी मंदिर से‎ मंडी प्रांगण तक कलश एवं ‎भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें 100 गांवों की प्रभात‎फेरियों के साथ ही 1100 कलश लिए ‎माता-बहने बैंड बाजों, मालवी ‎ढोल, ठाकुर जी का रथ एवं बग्गियों के साथ ‎शामिल होंगे। जिसमें 11 अश्व, तीन ऊंट गाड़ियों में वैदिक अनुष्ठान करते हुए, शिव स्वरूप, हनुमान जी की झांकिया, दो ट्रेक्टर में बाल कृष्ण और राधा कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। वहीं तीन सजीव झांकिया में हनुमान स्वरूप, शिव पार्वती विवाह की झाकियां भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। शोभायात्रा में‎ अश्वारोही वीर-वीरांगनाएं, बटुकों‎ के साथ ही ‎ठाकुर जी का सुसज्जित रथ भी शामिल रहेगा। शोभायात्रा मार्ग पर नगरवासियों, धार्मिक, सामाजिक एवं राजनैतिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत ‎किया जाएगा। ‎शोभायात्रा कल्लाजी मंदिर से आरंभ होते हुए ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎कल्याण चौक, स्वामी विवेकानन्द‎ सर्कल, नूर महल रोड़, कैंची चौराहा, चंदन चौक, परशुराम ‎सर्कल, बस स्टैंड, मंडी चौराहा ‎होते हुए छोटीसादड़ी मार्ग स्थित ‎कृषि उपज मंडी के तृतीय द्वार के‎ समीप कथा मंडप में संपन्न होगी। सप्त दिवसीय कथा में भक्तों के लिए सतरंगी रूप की वेशभूषाएं रखी हैं। जिनमें 27 जनवरी को चुनर लाल शोभायात्रा में, 28 जनवरी केसरिया, 29 जनवरी गुलाबी रंग, 30 जनवरी पीला रंग ( कृष्ण जन्मोत्सव ), 31 जनवरी को हरा (गोवर्धन पूजा), 1 फरवरी नीला रंग (भगवान का विवाहोत्सव) और कथा के समापन पर 2 फरवरी घाट चोला रानी होगी। वेदपीठ के प्रवक्ता ने बताया कि सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का रसपान राम स्नेही सम्प्रदाय के युवाचार्य संत श्री दिग्विजय राम जी के मुख से प्रदितिन दोपहर 1 बजे से सायं साढ़े 4 बजे तक कराया जाएगा। उनके साथ संत रमता राम जी सहित अन्य संत भी शामिल होंगे। सप्त दिवसीय कथा में मेवाड़, मालवा और गुजरात सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।

Next Story