गंगरार क्षेत्र में चारागाह भूमि पर अवैध खनन, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

गंगरार क्षेत्र में चारागाह भूमि पर अवैध खनन, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
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चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार तहसील के भाटखेड़ा और कोजुंदा गांवों की चारागाह भूमि पर बीते कुछ दिनों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया द्वारा नियमों को ताक पर रखकर लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे खदान की गहराई करीब 200 से 300 फीट तक पहुंच गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि खनन स्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर गौशाला और आबादी क्षेत्र स्थित है, इसके बावजूद विस्फोटक सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल पशुओं और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है, बल्कि आसपास का भूजल स्तर भी तेजी से गिरा है। क्षेत्र की सड़कों में दरारें आ गई हैं और खेतों की मेड़ें व जमीन प्रभावित होने से फसलें खराब हो रही हैं।

अवैध खनन से परेशान समस्त ग्रामवासी, गौसेवक और किसान समुदाय ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रशासन को अवगत कराया गया कि यदि खनन माफियाओं पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पांच दिन बाद क्षेत्र के सभी ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस विरोध में कोजुंदा, भाटखेड़ा, हिम्मतनगर, करतीयास, नयातालाब, मोटलीयास, गेंजरा, शादी सहित आसपास के सभी गांवों के लोग शामिल हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध खनन तुरंत बंद कराया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और क्षतिग्रस्त सड़कों व जल स्रोतों की मरम्मत कराई जाए।

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