विधायक कृपलानी ने वन क्षेत्र के गांवों की समस्याओं पर विशेष उल्लेख किया

विधायक कृपलानी ने वन क्षेत्र के गांवों की समस्याओं पर विशेष उल्लेख किया
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निम्बाहेड़ा। विधानसभा क्षेत्र निम्बाहेड़ा के अंतर्गत वन भूमि पर बसे गांवों की मूलभूत समस्याओं को लेकर पूर्व यूडीएच मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी ने विधानसभा में प्रक्रिया एवं कार्यसंचालन नियमों के नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख प्रस्ताव प्रस्तुत कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

विधायक कृपलानी ने कहा कि पंचायत समिति निम्बाहेड़ा के ग्राम परपडिया, ग्राम पंचायत निम्बोदा आजादी से पूर्व से ही वन भूमि पर बसा हुआ है। वन भूमि की स्थिति के कारण गांव आज तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने उक्त गांव को वन भूमि से आबादी भूमि में परिवर्तित करने की मांग करते हुए ग्रामीणों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निम्बाहेड़ा–छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांवों में आबादी और खेतों तक जाने के मार्ग वन भूमि से होकर गुजरते हैं, जिससे आए दिन प्रशासनिक अड़चनें उत्पन्न होती हैं। इन मार्गों के स्थायी समाधान की मांग भी उन्होंने सदन में उठाई।

कृपलानी ने क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए ठेका पद्धति को बंद कर पुनः समितियों के माध्यम से कार्य करवाने की मांग की, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

छोटीसादड़ी क्षेत्र में चंडी माता एनीकट (ग्राम बरोल, ग्राम पंचायत अम्बावली) का परिधि क्षेत्र वन भूमि में आने के कारण इसकी ऊंचाई बढ़ाने में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग भी उन्होंने की।

इसी प्रकार ग्राम पंचायत पीलीखेड़ा में स्थित प्रमुख आस्था केंद्र बुलबुला महादेव मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर लगभग 200 मीटर सड़क निर्माण पर वन विभाग द्वारा लगाई गई रोक को हटाने तथा आवश्यक एनओसी जारी करने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

विधायक कृपलानी ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत पीलीखेड़ा (छोटीसादड़ी) के गांव कठेर, मामादेव और लाम्बा सागड़ा तथा आम्बापानी ग्राम पंचायत धोलापानी में वन विभाग की आपत्तियों के कारण आज तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने विद्युत विभाग की एनओसी जारी कर ग्रामीणों को विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।

अंत में उन्होंने विधानसभा क्षेत्र निम्बाहेड़ा के वन क्षेत्र में निवासरत ग्रामीणों की इन प्रमुख समस्याओं का शीघ्र समाधान कर राहत प्रदान करने का आग्रह किया।

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