सांसद सीपी जोशी ने अफीम तौल केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया

चितौड़गढ़ | सांसद सी.पी. जोशी ने रविवार को अफीम तौल केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों से संवाद किया। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मनोज पारीक ने बताया की अफीम तोल केन्द्र निरिक्षण के दोरान
सांसद जोशी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में अफीम व्यवस्था में कई बदलाव और सुधार किए गए हैं। किसानो द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर लगातार सुधार का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले अफीम लाइसेंस की संख्या 18-20 हजार के आसपास थी, जो आज बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई है। पहले किसानो को लाईसेंस के लिये आना पड़ता था अब लाईसेंस गांव पंहुच गया, आने वाले समय में नई तकनीक के माध्यम से किसानों को मोबाइल पर ही लाइसेंस उपलब्ध होगा कंही जाने की आवश्यकता नही पडेगी।
उन्होंने कहा कि पहले पोस्त दाने के भाव काफी कम थे, जो अन्य देशों से आयात के कारण प्रभावित होते थे, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद भाव में सुधार हुआ है। साथ ही, ऐसे कई किसान जो एनडीपीएस मामलों में कोर्ट से बरी हो चुके थे, उन्हें लाइसेंस नहीं मिल पा रहा था। इस विषय को सरकार के समक्ष उठाया गया और अब कोर्ट से बरी किसानों को भी लाइसेंस देने का निर्णय लिया गया है। सांसद जोशी ने बताया कि पहले अलग-अलग औसत जैसे एक साल, पांच साल या राफ्ता औसत के आधार पर हर वर्ष 11-12 प्रतिशत तक पट्टे कट जाते थे, जबकि अब यह आंकड़ा घटकर लगभग 1 प्रतिशत रह गया है। यह पारदर्शी प्रक्रिया का परिणाम है। म्यूटेशन और इंतकाल की प्रक्रिया में भी सुधार करते हुए किसानों को नामिनी दर्ज करने की सुविधा दी गई है, जो इंश्योरेंस पॉलिसी की तरह पहले से तय की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले अफीम पॉलिसी काफी देरी से आती थी, जिससे किसानों को असुविधा होती थी, लेकिन अब इसे समयबद्ध करने की शुरुआत की गई है ताकि किसानों को समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकें।
नीमच फैक्ट्री में अनियमितताओं की शिकायतों को लेकर भी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि पहले अफीम जांच के परिणाम 3-4 महीने बाद आते थे, जबकि अब 24 से 48 घंटे में परिणाम उपलब्ध हो रहे हैं। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जहां किसान स्वयं भी सैंपल जांच प्रक्रिया को देख सकता है, लेकिन यह गोपनीयता भी बनी रहती है कि सैंपल किसका है। सांसद जोशी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में हर वर्ष दिल्ली की एजेंसियों और राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया की निगरानी करने का आग्रह किया गया है। अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिनमें पेट्रोल कार्रवाई, गिरफ्तारियां, एपीओ और निलंबन तक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में सामने आए कुछ मामलों को तुरंत सरकार के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद पहली बार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी, चाहे वह नौकरी से हटाने तक क्यों न हो। साथ ही, यदि कोई निर्दोष है तो उसके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सांसद ने किसानों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई अनियमितता या अन्याय होता है तो तुरंत जानकारी दें, ताकि कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि तौल केंद्रों पर किसानों के बैठने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर सांसद जोशी के साथ भाजपा जिला महामंत्री रघु शर्मा एवं भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव त्यागी भी साथ रहे।
