जेसीबी से हो रहे नरेगा कार्य पकड़े गए, औचक निरीक्षण में खुली पोल

जेसीबी से हो रहे नरेगा कार्य पकड़े गए, औचक निरीक्षण में खुली पोल
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चित्तौड़गढ़,। जिले में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के लोकपाल द्वारा पंचायत समिति कपासन की ग्राम पंचायत निंबाहेड़ा एवं धमाणा में नरेगा कार्यों का ओचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान यह गंभीर तथ्य सामने आया कि नरेगा कार्यस्थलों पर कार्य प्रारंभ होने से पूर्व ही मशीनी उपकरण (जेसीबी) द्वारा कार्य कराया गया तथा इसके पश्चात नरेगा श्रमिकों की उपस्थिति दर्शाते हुए फोटो अपलोड की गई। जब इस संबंध में लोकपाल द्वारा मौके पर उपस्थित श्रमिकों से संवाद किया गया, तो किसी भी श्रमिक द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जा सका।

महात्मा गांधी नरेगा योजना केंद्र एवं राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद मशीनों के माध्यम से कार्य कराना न केवल योजना की मूल भावना के विपरीत है, बल्कि यह गंभीर अनियमितता एवं घोर लापरवाही को भी दर्शाता है।

लोकपाल द्वारा दोनों ग्राम पंचायतों में क्रमशः पाँच कार्य स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लगभग 500 श्रमिकों के मस्टररोल दर्ज पाए गए, जबकि मौके पर चल रहे कार्यों के अनुसार इतनी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई। यह तथ्य भी योजना में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की ओर संकेत करता है।

लोकपाल द्वारा इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

सकारात्मक पहलू

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ स्थानों पर नरेगा कार्यों में महिला श्रमिकों को अपेक्षाकृत अधिक रोजगार प्रदान किया जा रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है। यह पहल नरेगा योजना के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य को मजबूती प्रदान करती है।

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