एक दिवसीय मक्का खेती प्रशिक्षण आयोजित

एक दिवसीय मक्का खेती प्रशिक्षण आयोजित
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चित्तौड़गढ़,। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अंतर्गत भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर), लुधियाना द्वारा संचालित परियोजना “इथेनॉल उद्योगों के जलग्रहण क्षेत्रों में मक्का उत्पादन में वृद्धि” के तहत आज जिले के राज्यावास एवं कारोई गांव में एक दिवसीय मक्का जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में 120 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर आईआईएमआर के यंग प्रोफेशनल शंकर लाल चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मक्का अब केवल खाद्य फसल नहीं रहकर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक फसल के रूप में स्थापित हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में लगभग 10-12 मिलियन टन मक्का का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में किया जा रहा है तथा भविष्य में इसकी मांग में और वृद्धि होने की संभावना है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ देश की जैव-ईंधन नीति को भी मजबूती मिलेगी।

चौधरी ने किसानों को उन्नत मक्का उत्पादन तकनीकों की जानकारी देते हुए विशेष रूप से संतुलित खाद प्रबंधन एवं वैज्ञानिक सिंचाई पद्धतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मक्का की गुणवत्ता एवं उत्पादकता बढ़ाने में कटाई के बाद प्रबंधन (पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को मक्का फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान एवं उनके एकीकृत प्रबंधन (आईपीएम) उपायों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए भविष्य में इस प्रकार के और कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

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