चित्तौड़ को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सामाजिक संगठनों की भागीदारी जरूरी : जिला कलक्टर

चित्तौड़गढ़, “म्हारो पावन चित्तौड़” अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए जनभागीदारी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला परिषद सभागार में सामाजिक संगठनों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर आलोक रंजन ने की। बैठक में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने कहा कि चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। “म्हारो पावन चित्तौड़” अभियान के माध्यम से दुर्ग क्षेत्र, धार्मिक स्थलों, शहर की सड़कों तथा नदियों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए सामाजिक संगठनों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र के पांडल पोल, झरनेश्वर महादेव सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के साथ-साथ शहर की नदियों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें और शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
जिला कलक्टर ने कहा कि किसी भी शहर की स्वच्छता केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक होती है। जब प्रशासन और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य करते हैं तो ऐसे अभियान निश्चित रूप से सफल होते हैं और शहर की सुंदरता में भी निरंतर वृद्धि होती है।
स्वच्छता की दिलाई शपथ
बैठक में उपस्थित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जिला कलक्टर आलोक रंजन ने “म्हारो पावन चित्तौड़” स्वच्छता अभियान की शपथ दिलाई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक, प्रशिक्षु आईएएस एवं नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र मेघवाल, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, यूआईटी सचिव कैलाश चंद्र गुर्जर, नगर परिषद के अधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
