पेंशन बहाल, मुस्कान लौटी–गैसी बाई की उम्मीद फिर जगी"

चित्तौड़गढ़ । ग्राम तीतरड़ा की रहने वाली गैसी बाई, पत्नी स्वर्गीय बाबूलाल बंजारा, एक वृद्ध महिला, जिनकी आयु लगभग 70 वर्ष है, पिछले एक वर्ष से अपनी वृद्धावस्था पेंशन की राह तक रही थीं। सीमित साधनों में जीवन यापन करने वाली गैसी बाई के लिए यह पेंशन ही उनके दैनिक जीवन का सहारा थी। लेकिन तकनीकी अड़चनों और ई-केवाईसी में विलंब के कारण यह जीवनरेखा बाधित हो गई थी।
जब आशा क्षीण हो रही थी, तब संबल पखवाड़ा बना सहारा
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे पं. दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत दिनांक 02 जुलाई को ग्राम पंचायत नेगडिया, तहसील डूंगला में शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य जन समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान करना तथा सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना था।
गैसी बाई इस शिविर में पहुँचीं और बड़ी उम्मीद से अपनी परेशानी अधिकारियों के समक्ष रखी। उनके चेहरे पर थकान और निराशा साफ झलक रही थी, लेकिन उनकी आँखों में विश्वास अब भी जीवित था।
ई-केवाईसी से खुला समाधान का रास्ता
शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने जैसे ही उनकी समस्या सुनी, तुरंत वृद्धावस्था पेंशन पोर्टल पर उनका विवरण जाँच करवाया। पता चला कि ई-केवाईसी की अनुपलब्धता के कारण उनकी पेंशन रुकी हुई थी।
इस सूचना के बाद, टीम ने फील्ड पर ही ई-केवाईसी प्रक्रिया को तुरंत पूरा करवाया। तकनीकी स्टाफ और सामाजिक सुरक्षा विभाग के कर्मचारियों ने बिना किसी विलंब के कार्रवाई की। जैसे ही उनकी ई-केवाईसी पूर्ण हुई, उनकी पेंशन न केवल पुनः शुरू हुई, बल्कि उन्हें बीते महीनों का बकाया राशि भी तत्काल प्रदान की गई।
भावुकता से छलक पड़ा आभार
गैसी बाई इस सहयोग और संवेदनशीलता से अभिभूत हो उठीं। उनकी आँखों में आँसू थे यह आँसू पीड़ा के नहीं, बल्कि सम्मान, राहत और आश्वासन के थे। उन्होंने काँपती आवाज़ में कहा –"म्हारी उम्मीद टूट री थी... पर आज सरकार नै फेर से म्हारो भरोसो लौटायो है। मुख्यमंत्री जी रो घणो-घणो आभार।
