प्रधानमंत्री फसल बीमा की अधिसूचना जारी

चित्तोडगढ कृषि विभाग ने खरीफ 2025 व रबी 2025.26 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी हैं। संयुक्त निदेशक कृषि ;विस्तारद्ध दिनेश कुमार जागा ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड फसल बीमा करेगी इस योजना के अन्तर्गत खरीफ सीजन में जिले में मक्काएसोयाबीनए धानए मुंगफलीए कपास एज्वार ए उड़द एग्वार की फसल अधिसूचित है। अधिसूचना के अनुसार फसली ऋण ;केसीसीद्ध लेने वाले कृषकोंध्ऋणी कृषकों का बीमा सम्बन्धित बैंक द्वारा स्वतः ही किया जाता हैं तथा जिन कृषकों ने फसली ऋण नहीं ले रखा हैं वे अपनी फसल का बीमा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल ;एनसीआईपीद्ध ध् नजदीकी बैंक न शाखाध्सीण्एसण्सीण्ध्बीमा कम्पनी के अधिकृत प्रतिनिधि से सम्पर्क कर करवा सकते है। इस के लिए गैर ऋणी कृषकों को आधार कार्डए नवीनतम जमा बन्दी की नकलए एक स्वयं प्रमाणित घोषणा पत्र जिसमें प्रत्येक खसरा का कुल क्षेत्रफलप्रस्तावित फसल बुवाई का क्षेत्रमालिक का नाम एवं बीमा हित का प्रकार ;स्वंय अथवा बंटाई परद्ध व बैंक खाते की पासबुक की प्रति देनी होगी। बंटाईदार कृषक जिस जिले में स्वंय रहते हैं उसी जिले की परिधि में बंटाई की भूमि मान्य होंगी। साथ ही किसानों को बोई गई फसल में फसल में परिवर्तन की सूचना सम्बन्धित बैंक को देने की अंतिम तिथि 29 जुलाईए 2025 हैं। और बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है खरीफ फसलों का बीमा करवाने के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा करवानी होगीए जो की मक्का के लिए बीमित राशि 59410 एवं कृषक प्रीमियम 1188ण्20 प्रति हैक्टेयरए सोयाबीन के लिए बीमित राशि 37907 एवं कृषक प्रीमियम 758ण्14 प्रति हैक्टेयरए ज्वार के लिए बीमित राशि 43160एवं कृषक प्रीमियम 863ण्20 प्रति हैक्टेयरए ग्वार के लिए बीमित राशि 32442 एवं कृषक प्रीमियम 648ण्84 धान के लिए बीमित राशि 51580 प्रति हैक्टेयरए एवं कृषक प्रीमियम 1031ण्60 उड़द के लिए बीमित राशि 28766 प्रति हैक्टेयरए एवं कृषक प्रीमियम 575ण्32 मुंगफली के लिए बिमित राशि 96897 एवं कृषक प्रीमियम 1937ण्94 कपास के लिए बिमित राशि 38427 एवं कृषक प्रीमियम 1921ण्35ण् उन्होंने बताया कि योजना के अन्तर्गत खरीफ फसलों में बाधित ध् निष्फल बुवाई की स्थिति में बीमित राशि की 25 प्रतिशत धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में बीमित कृषक को बीमा कम्पनी के द्वारा दिए जाने का प्रावधान हैए जबकि बुवाई से लेकर कटाई तक खड़ी फसलों में प्राकृतिक आपदाओं जैसे बेमौसमी बरसात ध् ओला

वृष्टि ध् बाढ आदि से नुकसान होने पर फसल कटाई प्रयोग द्वारा प्राप्त औसत उपज के आधार पर क्षतिपूर्ति देय है एवं फसल कटाई के उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने हेतु रखी गईए कटी फसल में बेमौसमी बरसात ध् ओला वृष्टि प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने पर फसल में क्षति का आंकलन व्यक्तिगत स्तर पर किए जाने का प्रावधान है। अतः नुकसान होने पर बीमित कृषक को फसल नुकसान की सूचना आपदा के 72 घण्टे के अन्दर सीधे भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि रक्षक पोर्टल एवंहेल्पलाइन 14447 परध्नजदीकी कृषि विभाग कार्यालयध्बैंक अथवा क्रोप इन्श्योरेन्स एप के माध्यम से सूचित करना आवश्यक होगा

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